एसीबी ने तीन महिलाओं को रिश्वत लेते पकड़ा
- फोटो : Amar Ujala
भरतपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने महिला एवं बाल विकास विभाग में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन महिला कर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शिकायतकर्ता को नौकरी में परेशान नहीं करने और सेवा से नहीं निकालने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। एसीबी ने पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते समय तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सूरजपोल सेक्टर की महिला पर्यवेक्षक क्षमा दहिया, कारे का नगला केंद्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता मुदगल और डी-ब्लॉक रंजीत नगर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राजबाला शामिल हैं। कार्रवाई के बाद तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
नौकरी से नहीं निकालने के बदले मांगी थी रिश्वत
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि ब्यूरो को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि महिला एवं बाल विकास विभाग की कुछ कर्मचारी उसे नौकरी में परेशान नहीं करने और सेवा से नहीं हटाने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। बाद में दोनों पक्षों के बीच यह राशि 35 हजार रुपये में तय हुई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई।
ट्रैप बिछाकर की गई कार्रवाई
शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी रेंज भरतपुर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। शुक्रवार को मुखर्जी नगर क्षेत्र में शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते समय टीम ने तीनों महिला कर्मियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। एसीबी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।