भरतपुर। जिले के गढ़ी बाजना थाना इलाके के एक गांव में दो भाइयों से सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर 8.61 लाख रुपये हड़प लिए गए। पीड़ित ने अदालत के माध्यम से आरोपी फौजी, एक कर्नल समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गढ़ी बाजना थाना प्रभारी हीरालाल मीणा ने बताया गांव तरसूमा निवासी मेघ सिंह गुर्जर ने मामला दर्ज कराया है। बताया कि 21 जून 2022 को उसकी और बुआ के लड़के सेना में नायब सूबेदार राजवीर की उच्चैन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अलवर जिले के बानसूर थाना क्षेत्र के गांव रावत माझेरा निवासी रामफल गुर्जर, योगेश रावत और लोकेश रावत से मुलाकात हुई। रामफल सेना में लांस नायक के पद पर कार्यरत है। रामफल ने उन्हें बताया कि उसकी जयपुर सेना मुख्यालय में कर्नल दिनेश तंवर से अच्छी जान-पहचान है। उसने कई युवकों की सेना में नौकरी लगवाई है।
रामफल ने मेघ सिंह गुर्जर और उसके भाई राहुल की सिविल डिफेंस, मैस, क्लर्क या माली के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके बाद रामफल गांव तरसूमा पहुंचा। यहां नौकरी लगवाने के उसने 5.5 लाख रुपये सहित दोनों भाइयों के 10 लाख रुपये मांगे। दोनों ने रामफल को 2.50 लाख रुपये सहित शैक्षणिक दस्तावेज व हस्ताक्षर करके फार्म दे दिया। बाद में रामफल को 22 से 26 अगस्त 2022 के बीच 6.11 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
पीड़ित मेघ सिंह ने बताया कि रुपये देने के बावजूद दोनों में से किसी भाई की नौकरी नहीं लगी। कई महीने तक दोनों रामफल से फोन कर नौकरी लगवाने की बात करते रहे और वह उनको झांसा देता रहा। आखिर में रामफल ने फोन उठाना बंद कर दिया। मेघ सिंह बुआ के लड़के नायब सूबेदार राजवीर के साथ उसके घर और पोस्टिंग वाली जगह जम्मू गए। वहां पता चला कि रामफल इसी तरह लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये हड़पता है। एसएचओ हीरालाल मीणा ने बताया कि आरोपी रामफल व कर्नल समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।