सबसे पहले जानिए पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सावधान, OlX पर कार, CCTV कैमरे, सोने की ईंट बेचने वालों, मकान में कैमरा लगवाना, उत्सवों में जनरेटर मंगवाना, मकान में लिफ्ट लगाने सहित आदि तरीकों से ठगी करने वालों से बचें। आज्ञा से- SHO, PS कामां, भरतपुर। इस तरह के कई साइन बोर्ड से मेवात इलाके की सड़कें पटी पड़ी है। यहां रहने वालों के लिए पुलिस की यह अपील आम बात है। बाहर से आने वाले लोग इसे पढ़ते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। हाल ही में यहां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 58991 सिम कार्ड बंद किए हैं। इसक अलावा 69599 मोबाइल फोन भी ब्लॉक कर दिए। इन सिमों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल सायबर ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
मेवात इलाके की सड़कों पर पुलिस ने लगाए साइन बोर्ड।
- फोटो : सोशल मीडिया
टटलू बिछाते हैं सेक्सटॉर्शन का जाल
साइबर ठगी की वारदात को मेवात इलाके में टटलूबाजी भी कहा जाता है। यहां बैठे ठग आम लोगों को ही नहीं नेताओं और बड़े नामी अफसरों को भी अपने जाल में फंसाते हैं। नेताओं और अफसरों को फंसाने के लिए टटलूबाज सेक्सटॉर्शन का जाल बिछाते हैं। जिसमें फंसकर नामी लोग उन्हें लाखों रुपये दे देते हैं। इससे लोगों को बचाने के लिए पुलिस यहां साइन बोर्ड लगाया है। कैथवाड़ा थाना पुलिस ने यहां एक साइन बोर्ड लगाया है जिस पर लिखा है- कृपया ध्यान दें सोने की ईंट, सीसीटीवी कैमरे, ओएलएक्स पर गाड़ी खरीदना, जस्ट डायल पर बुकिंग करना, आरो प्लांट खरीदने के चक्कर में आप किसी टटलू या हादसे का शिकार हो सकते हैं।
दूसरे राज्यों की पुलिस आए दिन देती है दबिश
मेवात इलाके में बैठे शातिर ठग पूरे देश में साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। आएं दिन यहां दूसरे राज्यों की पुलिस दबिश देने के लिए आती है। साल 2022 में अब तक दूसरे राज्यों की पुलिस इस इलाके में 150 बार से ज्यादा दबिश दे चुकी है। करीब 12 बार दूसरे राज्य की पुलिस ने कार्रवाई के बारे में भरतपुर पुलिस को सूचना नहीं दी, ऐसे में उन पर पथराव भी किया गया। दो बाद भीड़ पथराव कर आरोपियों को छुड़ाने में भी कमयाब हो गई। इस साल भरतपुर पुलिस ने 58 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर दूसरे राज्यों की पुलिस के हवाले भी किया है।
दूसरे राज्यों के फर्जी दस्तावेज से लिए गए थे सिम
भरतपुर पुलिस साइबर ठगी की वारदात को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी। ऐसे में पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे सिम कार्ड और मोबाइल फोन ब्लॉक कराने का निर्णय किया। इसके लिए फर्जी नंबरों की पहचान करना जरूरी थी। इसके लिए पुलिस ने जिला स्तर पर अभियान शुरू किया। पुलिस ने ऐसे नंबरों को ट्रेस किया जो झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और उड़ीसा सहित दूसरे राज्यों से फर्जी दस्तावेजों पर एक्टिवेट थे। इस दौरान 58991 फर्जी सिमों से 69599 मोबाइल चलाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सिम बंद कर सभी मोबाइल को ब्लॉक कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान अभी भी जारी है। साइबर सेल की टीम फर्मी सिमों और उनसे चलाए जाने वाले मोबाइल फोन के आईएफईआई नंबरों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर रही है।
अब ये दो केस भी जान लीजिए...
- हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले राजवीर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। बीती 25 सितंबर वह अपने घर पर थे। इस दौरान उनके पास एक वीडियो कॉल आया। उसने कॉल रिसीव किया तो सामने एक न्यूड लड़की थी। उसने राजवीर को भी कपड़े उतारने के लिए कहा, लेकिन उसने ऐसा करने से मना कर दिया और फोन काट दिया। चार दिन बाद 29 सितंबर को राजवीर के पास अलग-अलग नंबरों से फोन आने लगे। ठगों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया और उससे कहा कि तुमने वीडियो कॉल पर लड़की के साथ गलत हरकतें की हैं। राजवीर को डरा धमकाकर ठगों ने उससे 6.27 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। बाद में उसने केस दर्ज कराया। सोनीपत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 अक्टूबर को दो ठगों को गिरफ्तार किया। यह दोनों मेवात क्षेत्र के सीकरी थाना इलाके के रहने वाले थे।
- सेक्सटॉर्शन की दूसरी घटना जयपुर के मानसरोवर इलाके की है। 20 सितंबर यहां रहने वाले सुरेंद्र खेतान ने थाने में केस दर्ज कराया। उसने पुलिस को बताया कि कुछ लोगों ने लड़की के जरिए उससे बात की। लड़की उसके साथ ऑनलाइन सेक्स चैट करती थी। वीडियो कॉल लड़की ने उसे अश्लील वीडियो दिखाई और फिर कपड़े उतारने लगी। लड़की ने उससे भी ऐसा ही करने के लिए कहा, उसने कपड़े उतारे तो उसने वीडियो बना लिया। जिसके बाद से आरोपी ठग वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। पुलिस ने जांच के बाद मेवात क्षेत्र के नगर थाना इलाके के रहने वाले दो भाइयों को गिरफ्तार किया। ये सिर्फ दो केस हैं, ऐसे ना जानें कितने मामले हैं जो कभी दर्ज नहीं होते, लोग बदनामी के डर से ठगों को रुपये दे देते हैं और शांत बैठ जाते हैं। इसका फायदा उठाकर भरतपुर मेवात के ठग देश भर में साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, पुलिस लगातार ऐसे ठगों पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है।
कैसे होती है साइबर ठगी और सेक्सटॉर्शन?
- सेक्सटॉर्शन में फंसाने के लिए यह लोग सबसे पहले फोन करते हैं और लड़की की आवाज में बात करते हैं। फिर वीडियो कॉल कर दूसरे मोबाइल पर अश्लील वीडियो चलाकर तीसरे से वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं। कभी-कभी शातिर ठग सीधे वीडियो कॉल करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाकर वीडियो बना लेते हैं। इसके बाद उसे वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग करते हैं।
- साइबर ठगी के लिए ठग सबसे पहले फर्जी सिम से सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाते हैं। उससे सस्ती चीजों को बेचने का विज्ञापन डालते हैं। कम दामों में मिल रहीं चीजों को देखकर लोग ठगों के झांसे में आ जाते हैं और उनसे संपर्क करते हैं। इसके ठगों को खेल शुरू होता है, वे ऑनलाइन डिलीवरी या एडवांस के नाम पर उनसे कुछ रुपए ट्रांसफर कराते हैं। अकाउंट डिटेल्स आते ही खाते से रुपये निकाल लेते हैं। इसमें कामयाब नहीं होने पर अलग-अलग बहाने बनाकर रुपये ट्रांसफर कराते रहते हैं। बाद में अपना फोन स्विच ऑफ कर लेते हैं।