अभी तक घर वापसी के मुद्दे पर दूसरों को नसीहत देने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अब मदर टेरेसा पर भी धर्म परिवर्तन का आरोप चढ़ दिया। सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को राजस्थान में इसाई धर्म पर विवादित बोल बोले। रोमन कैथलिक चर्च सेवा की आड़ में धर्म परिवर्तन करा रहे है। उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता मदर टैरेसा को ले कर भी टिप्पणी की कि उनके यहां सेवा अच्छी होती होगी, लेकिन वहां भी इसके पीछे एक उद्देश्य रहता था कि जिसकी सेवा हो रही है, वह इसाई धर्म ग्रहण कर ले।
निराश्रित बच्चों के लिए भरतपुर में संचालित एक संस्था अपना घर के नए भवन के लोकार्पण समारोह में भागतव ने कहा कि सेवा के नाम पर नए तरह का षडयंत्र सामने आ रहा है। देश के अपने लोग अपनों की सेवा नहीं कर रहे, इसलिए बाहर के लोग यहां आकर सेवा कर रहे हैं। भागवत ने कहा कि कोई किसी को इसाई बनाए या न बनाए, यह उसकी इच्छा है, लेकिन सेवा के जरिए ऐसा किया जाता है तो सेवा का अवमूल्यन हो जाता है। सेवा की आड़ में ही धर्मान्तरण का काम हो रहा है।
इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह ने कहा कि अरूणाचल में चर्च से जुडी संस्थाएं 1960 से धर्म परिवर्तन करा रही हैं। उस समय वहां दस प्रतिशत इसाई थे आज 90 प्रतिशत इसाई हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में सोनिया गांधी पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए।