ब्यावर में कल देर रात एक मूंगफली के ठेले से लेनदेन के मामले को लेकर कहासुनी हो गई। मूंगफली वाला धर्म विशेष से जुड़ा व्यक्ति था जबकि दूसरा दलित समाज से। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और धीरे-धीरे एक दूसरे पर गाली-गलौच करते हुए एक दूसरे को देख लेने की बात कह डाली। इसी पर मूंगफली वाले के ठेले वाले के पास बैठे धर्म विशेष के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस उपाधीक्षक राजेश कसाना और साकेत नगर पुलिस के थानाधिकारी आदि मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में लिया और रात में मामले को शांत कराने की प्रयास किया। रात से ही मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। सिटी थाने के थानाधिकारी विजय सिंह ने बताया कि ठेले वाले से मूंगफली वाले से लेनेदेने के मामले के लेकर कहासुनी हुई और कुछ देर बाद वह पत्थरबाजी में तब्दील हो गई। दोनों पक्षों पर पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया है। पुलिस मौके पर और पूछताछ कर मामले की जानकारी प्राप्त कर रही है। मामले में पुलिस ने शांति भंग करने और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले को लेकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
उधर दलित समाज के लोगों में रोष व्याप्त है। दलित समाज के लोगों का मानना है कि जब-जब कुछ होता है आखिर दलित समाज के लोगों को ही निशाना बनाया जाता है। आखिर यह कब तक चलता रहेगा। दलित समाज के प्रेमचन्द सांगेला ने आरोप लगाया कि जब से दलित बस्ती के पास एक चाय की दुकान खुली है तब से वहां देर रात तक धर्म विशेष के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। रात में आने-जाने वाली महिलाओं और बहन-बेटियों पर फब्तियां कसते नजर आते हैं। जब कभी भी किसी से भी कोई झगड़ा होता है बजाए थाने जाने के वह दलित बस्ती पर पत्थरबाजी करना शुरू कर देते हैं।
उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि प्रशासन भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के उन्हें संरक्षण देती है। इसी तरह दलित समाज के ही दिनकर भारती ने बताया कि हम बेकसूरों पर अत्याचार होता है। मामला कुछ और होता है मरते हम बस्ती के लोग हैं। हमारे ऊपर पत्थरबाजी कर हमारे घरों को तोड़ा जाता है। वाहनों को क्षतिग्रस्त किया जात है, लेकिन उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है। एडवोकेट किशन चांवरिया ने भी बेवजह बेगुनाहों पर अत्याचार को लेकर रोष व्यक्त किया और जिला कलेक्टर से शीघ्र मिलने की बात कही।