जयपुर के प्रताप नगर थाना पुलिस ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के लेन-देन में विवाद के बाद बीबीए छात्र का अपहरण कर सात लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में भिवानी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर ईसरवाल गांव में दबिश देकर छात्र नील किशोर घेटिया को सकुशल मुक्त कराया।
जयपुर के प्रताप नगर थाना पुलिस ने क्रिप्टो-ट्रेडिंग मामले में महाराष्ट्र निवासी बीबीए छात्र का अपहरण कर सात लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले दो बदमाशों को हरियाणा के भिवानी से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन की मदद से भिवानी जिले के ईसरवाल गांव में दबिश देकर बंधक बनाए गए छात्र को सकुशल मुक्त कराया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नवीन (24) और भागीरथ उर्फ मंगल (28) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी भिवानी के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
टेलीग्राम के जरिये हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के नासिक निवासी नील किशोर घेटिया जयपुर में रहकर बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। वह अपनी अतिरिक्त कमाई के लिए यूएसडीटी ट्रेडिंग का काम भी करता था। इसी दौरान टेलीग्राम के जरिये उसकी पहचान जयपुर निवासी रजत नाम के युवक से हुई। रजत जयपुर में यूएसडीटी का पैनल चलाता था। रजत के बुलाने पर छात्र 5 अक्तूबर को जयपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां से उसे एक फ्लैट पर ले जाया गया, जहां हरियाणा निवासी नवीन को भी बुलाया गया।
पैसों के लेन-देन में विवाद
नवीन ने यूएसडीटी खरीदने के उद्देश्य से छात्र को सात लाख रुपये दिए थे। छात्र ने यह रकम हस्तांतरित करने के लिए अपने एक परिचित को आगे बढ़ाई, लेकिन किसी कारण से लेन-देन पूरा नहीं हो पाया और रकम बीच में ही अटक गई। इसके बाद नवीन अपने रुपये वापस मांगने लगा, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। रकम न मिलने से नाराज आरोपियों ने छात्र को फ्लैट के एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। छात्र कई दिनों तक उनके पास बंधक रहा।
विज्ञापन
एसयूवी में ले जाकर मांगी फिरौती
15 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे आरोपी छात्र को जबरन एसयूवी में बैठाकर हरियाणा के भिवानी जिले के ईसरवाल गांव ले गए। वहां एक मकान की पहली मंजिल पर उसे फिर से बंधक बनाकर रखा गया और प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने छात्र के पिता को वॉट्सएप कॉल किया और बेटे को छोड़ने के बदले सात लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के अनुसार, पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर भिवानी में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान छात्र को सुरक्षित मुक्त कराया गया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए नवीन के खिलाफ तौशाम थाने में मारपीट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं भागीरथ के खिलाफ तौशाम और चूरू जिले के राजगढ़ थाने में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।