राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बारां में अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके संवाद का गलत अर्थ निकाला गया और कुछ लोगों ने इसे अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की।
षड्यंत्रकारी तत्वों पर साधा निशाना
वसुंधरा राजे ने कहा कि आज भी कुछ षड्यंत्रकारी लोग सक्रिय हैं, जो संवाद की बातों को तोड़कर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की दया और जनता के प्यार से ऐसे लोग कभी सफल नहीं होंगे। उनके अनुसार, इस तरह के प्रयासों से भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है, लेकिन जनता सच्चाई को समझती है।
फोरलेन हाईवे एलाइनमेंट पर दिया उदाहरण
राजे ने फोरलेन नेशनल हाईवे के एलाइनमेंट को लेकर उठे सवालों पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि जब धौलपुर में उनके घर के सामने से नेशनल हाईवे निकला था, तब उन्हें भी अपनी दीवार पीछे करनी पड़ी थी। इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं अपने लिए नियम नहीं बदल सकीं, तो दूसरों के लिए भी नियमों में बदलाव संभव नहीं है।
पद को लेकर चर्चा से किया इनकार
उन्होंने साफ कहा कि उनके प्रवास के दौरान पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। यह केवल एक सामान्य संवाद था, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने दोहराया कि उन्होंने कभी भी पद से संबंधित कोई बात नहीं की है।
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स्थानीय नेताओं के साथ संगठनात्मक चर्चा
बारां प्रवास के दौरान वसुंधरा राजे ने जिला पदाधिकारियों और पार्टी नेताओं के साथ बैठक भी की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार, विधायक राधेश्याम बैरवा, डॉ ललित मीना, जयेश गालवख, महावीर सिंह हाड़ा, राकेश जैन और ओपी पारेता सहित मंडल अध्यक्षों के साथ आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर चर्चा की गई।
दर्शन के बाद जयपुर के लिए रवाना
वसुंधरा राजे दो दिन पूर्व कामखेड़ा बालाजी के दर्शन के लिए बारां पहुंची थीं, जहां उनके बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा शुरू होनी थी। कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वे सड़क मार्ग से जयपुर के लिए रवाना हो गईं।