बांसवाड़ा जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र के मादलदा गांव में सरकारी शिक्षक डूंगरलाल (58) का शव उनके ही खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव के सिर के पीछे गहरी चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजन डॉग स्क्वॉड बुलाने और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने की मांग को लेकर मौके पर ही धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार, डूंगरलाल शनिवार शाम अपने खेत पर पितृदेव की पूजा करने के लिए घर से निकले थे। वे अपनी मोटरसाइकिल खेत के बाहर खड़ी कर अंदर गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका। रविवार सुबह गांव के कुछ लोग खेतों की ओर गए, जहां मेड़ के पास उनका शव पड़ा मिला। मौके से पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे फूल-माला, नारियल और पानी की बोतल बरामद हुई है।
चोट के निशान से हत्या की आशंका जताई
मृतक के सिर के पीछे चोट के निशान को देखते हुए परिजन इसे साधारण हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि किसी ने हमला कर हत्या की है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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शव उठाने से किया इनकार
इससे पहले सूचना मिलते ही गढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम मौके पर आकर साक्ष्य एकत्र नहीं करेगी, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिजनों ने खेत में ही टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
समझाइश का प्रयास
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एएसपी नरपत सिंह, डिप्टी बाबूलाल रेगर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और परिजनों को समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और हर एंगल से मामले की जांच की जाएगी।
एसपी सुधीर जोशी के अनुसार, संभव है कि असंतुलन बिगड़ने या फिसलकर गिरने से पत्थर पर सिर लगने से यह चोट आई हो। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।