जिले में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार शाम कुशलगढ़ क्षेत्र की एक छह माह की गर्भवती महिला की प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में बांसवाड़ा के महात्मा गांधी जिला अस्पताल रैफर किया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे पहले समय से प्री-मैच्योर डिलीवरी के दौरान नवजात ने भी दम तोड़ दिया।
कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद शव को महात्मा गांधी जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। अब परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार किरण (26) पत्नी राजू मईड़ा, निवासी मुन्नीपाड़ा, टिमेंड़ा को रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन कुशलगढ़ के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां सामान्य प्रसव हुआ लेकिन गर्भावस्था केवल छह माह की होने के कारण नवजात जीवित नहीं बच सका।
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नवजात की मौत के बाद किरण की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बांसवाड़ा के महात्मा गांधी जिला अस्पताल रैफर किया गया, लेकिन एंबुलेंस से ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतका के चचेरे भाई विजय ने बताया कि किरण की यह पहली संतान थी। उसका पति राजू मईड़ा गुजरात के राजकोट में मजदूरी करता है और घटना के समय वहीं मौजूद था। महिला का शव फिलहाल जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि महिला लगभग छह माह की गर्भवती थी। डिलीवरी के दौरान नवजात की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रैफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि महिला का पहले तीन बार गर्भपात भी हो चुका था। प्रसूता और नवजात की मौत के कारणों की जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा हुआ है।