Rejasthan News: डूंगरपुर में चौरासी थाना पुलिस ने राहगीरों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपी महिलाओं के कपड़े पहनकर जंगल में छिपे हुए थे।
जिले की चौरासी थाना पुलिस ने राहगीरों से लूटपाट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास यह है कि वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए आरोपी महिलाओं के कपड़े पहनकर जंगल और पहाड़ी इलाकों में छिपे हुए थे। पुलिस ने लूट में इस्तेमाल की गई दो बिना नंबर की पावर बाइक भी जब्त की हैं।
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चौरासी थानाधिकारी रतनलाल जटिया ने बताया कि 30 अगस्त की रात करीब ढाई बजे कृष्णा मीणा अपने साथी मानशंकर और अमिशा के साथ बाइक से डूंगरपुर से सीमलवाड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गोरदा घाटा के पास पीछे से आई एक पावर बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने मारपीट करने के बाद उनसे 5 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन लूट लिए।
विशेष टीम को सफलता
वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। थानाधिकारी जटिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटाई। इस दौरान लाडसौर गांव के कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस को पता चला कि आरोपी महिलाओं के कपड़े पहनकर जंगलों में छिपे हुए हैं।
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जंगल से पकड़े आरोपी
सूचना के आधार पर चौरासी थाना पुलिस ने लाडसौर के जंगलों में दबिश दी और अलग-अलग स्थानों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने शराब पीने और मौज-शौक पूरा करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
इन्हें किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाडसौर निवासी शैलेष पुत्र सुरेश ननोमा, विजय पुत्र कांतिलाल ननोमा, राहुल पुत्र गटूलाल ननोमा, डूंगर पुत्र खेमजी बरंडा और ताराचंद पुत्र देवीलाल ननोमा के रूप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई दो बिना नंबर की पावर बाइक बरामद कर ली हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।