एसीबी ने आरोपी घूसखोर को किया गिरफ्तार
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने सोमवार को डूंगरपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पेंशन विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी ऑपरेटर ने पेंशन एरियर पास करने के एवज में 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। टीम ने उसे कार्यालय में ही 20 हजार रुपये लेते दबोच लिया।
एरियर पास कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
एसीबी एडीजी स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता उदयपुर वन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, जिसे पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपात्मक नियुक्ति मिली। पिता की पेंशन से 2 लाख 59 हजार रुपये का एरियर बना था। इसके लिए उसने अप्रैल 2025 में डूंगरपुर स्थित पेंशन विभाग में आवेदन किया। वहां कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर गोविन्द घाटिया ने एरियर जारी करने के लिए 90 हजार रुपये की मांग की।
मां की पेंशन भी रोक दी गई
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके खाते में एरियर की राशि तो आ गई, लेकिन उसकी मां की मासिक पेंशन बंद कर दी गई। जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो कंप्यूटर ऑपरेटर ने 30-30 हजार रुपये की तीन किश्तों में 90 हजार रुपये रिश्वत देने की शर्त रखी और पेंशन शुरू करने से इनकार कर दिया।
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ऑफिस में ही धर दबोचा गया आरोपी
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता ने योजना के तहत पेंशन विभाग के कोष कार्यालय में आरोपी गोविन्द घाटिया को 20 हजार रुपये दिए। तय संकेत मिलते ही एसीबी की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विशिष्ट न्यायालय में होगी पेशी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को उदयपुर स्थित विशिष्ट न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेंशन से जुड़ी फाइलों में भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
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