शिकार के लिए तेंदुए की बेरहमी से हत्या (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
बांसवाड़ा के समीपवर्ती डूंगरपुर जिले के साबला वन क्षेत्र से चौंकाने वाली घटना सामने आई है। वन क्षेत्र के माल गांव के पास झाड़ियों के किनारे तेंदुए का सिर और चारों पंजे कटा हुआ शव देखकर लोग चौंक पड़े। सूचना पर वन कर्मी मौके पर पहुंचे। शव को उदयपुर ले जाया गया है, जहां पोस्टमार्टम किया जाएगा।
साबला वनखंड के वनपाल चंद्रवीर सिंह ने बताया कि पिण्डावल से पूंजपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर माल गांव में खंडेश्वर महादेव मंदिर के पास झाड़ियों के किनारे तेंदुए का शव मिला। तेंदुए का सिर और पंजे नहीं थे। शव देखकर ग्रामीणों ने आसपुर पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। वन कर्मियों ने मौका-मुआयना किया। शव देखकर अनुमान लगाया कि तेंदुए की मौत कुछ दिन पहले हुई है। उसका सिर धड़ से अलग था। साथ ही चारों पंजे भी कटे हुए थे।
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तेंदुए के शिकार की आशंका
उन्होंने मौके पर मिले शव को देखकर आशंका जताई कि तेंदुए का शिकार किया गया है और उसके बाद सिर और पंजे काट लिए। वन विभाग की टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लिया और आसपुर वन विभाग के कार्यालय में रखवाया। आवश्यक कार्रवाई के बाद इसे उदयपुर भेजा गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि तेंदुए की मौत कब और कैसे हुई। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शव पर चोटों के निशान मिलने से साफ है कि उसका शिकार किया गया है। उन्होंने बताया कि तेंदुए के शिकार की आशंका को देखते हुए पूरे वन क्षेत्र में गश्त को बढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों से भी कहा गया है कि संदिग्ध गतिविधि पर वन विभाग को सूचना दें।
महंगी बिकती है ट्राफी
वन्यजीवों के दांत, पैरों के नाखून आदि को ट्राफी कहा जाता है। विशेष रूप से तेंदुए, जरख आदि वन्यजीवों के दांत, पैरों के नाखूनों को चोरी-छिपे अन्य राज्यों के बाजारों में महंगे दामों में बेचा जाता है। ऐसे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि कथित शिकारियों ने इसी कारणों से तेंदुए को शिकार बनाकर नाखून और दांत के लिए उसके शव को क्षत-विक्षत कर दिया।
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