फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banswara: निकाय चुनाव से पहले बांसवाड़ा में फर्जी पट्टों का मुद्दा गरमाया, छह बीघा जमीन पर 60 पट्टों का आरोप

Sun, 09 Aug 2026 03:29 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा

सार

राजस्थान में निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही बांसवाड़ा नगर परिषद में कथित फर्जी पट्टों का मामला सामने आने से सियासत गरमा गई है। भाजपा ने 2014 में जंगल किस्म की जमीन पर 60 फर्जी पट्टे जारी करने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से जांच और पट्टे निरस्त करने की मांग की है।
विज्ञापन
डूंगरपुर में जारी हुआ फर्जी पट्टा।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में आगामी निकाय चुनाव की तिथियां घोषित नहीं हुई हैं, पर इससे पहले ही बांसवाड़ा और डूंगरपुर नगर परिषद के फर्जी पट्टों के मामले उजागर होने लगे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर राजनीति गरमाने लगी है।
विज्ञापन


बांसवाड़ा नगर परिषद की ओर से फर्जी पट्टों को जारी करने का मामला भारतीय जनता पार्टी ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री और मंत्री झाबरसिंह खर्रा के नाम पत्र देकर उजागर किया है। भाजपा नगर मंडल के अध्यक्ष युगल उपाध्याय की ओर से पत्र में कहा है कि वर्ष 2014 में बांसवाड़ा नगर परिषद के कांग्रेस बोर्ड की ओर से 6 बीघा जंगल किस्म की भूमि पर 60 फर्जी पट्टे जारी किए गए हैं।

उस समय सभापति राजेश टेलर और आयुक्त दिलीप गुप्ता थे। इस मामले में व्यापक जांच कराई जाए और पट्टों को तत्काल निरस्त किए जाएं। हालांकि इस मामले में कांग्रेस की ओर से कोई भी टिप्पणी नहीं की जा रही है।
विज्ञापन


नगर परिषद ने शुरू की जांच
इस मामले में जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद नगर परिषद ने जांच शुरू कर दी है। आरंभिक तौर पर बताया गया है कि खसरा नंबर 2637/2440 और 3789/2665/2440 की जंगल किस्म जमीन पर फर्जी पट्टे जारी कर वितरित किए गए थे। भाजपा नगर अध्यक्ष युगल उपाध्याय का कहना है कि नगर परिषद की जांच में असंतुष्ट होने पर प्रकरण एसीबी को दिया जाएगा, ताकि इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

ये भी पढ़ें- Rajasthan: बारिश के बीच जयपुर में निकली तिरंगा यात्रा, जेपी नड्डा बोले- राष्ट्रगीत का अपमान नहीं होगा बर्दाश्त
विज्ञापन


यहां भी फर्जी पट्टे का खेल
इधर, डूंगरपुर में पड़त भूमि पर फर्जी पट्टा बनाने का मामला सामने आया है। इसमें तत्कालीन आयुक्त प्रकाश डूडी और कनिष्ठ अभियंता प्रकाश महावर के साइन हैं। इस फर्जी पट्टे का पंजीयन कार्यालय में पंजीयन भी करा लिया गया। यह पट्टा 6 जुलाई 2026 को बलवंत सिंह निवासी वसुंधरा विहार के नाम से जारी हुआ। जब पंजीयन कार्यालय से पट्टे की प्रति नगर परिषद में पहुंची, तब मामले का खुलासा हुआ। इस पट्टे को 6 जुलाई को शहरी सेवा शिविर के दौरान जारी होना दिखाया गया है, जबकि इसके लिए कोई आवेदन ही नहीं हुआ। इस मामले में परिषद की ओर से जांच कराई जा रही है।

डूंगरपुर में जारी हुआ फर्जी पट्टा।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें