Banswara: घाटोल विधायक नानालाल निनामा ने कहा कि ज्ञानदेव आहूजा का बयान सिर्फ दलितों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज और संविधान के खिलाफ है। बीजेपी नेताओं ने उन्हें उकसाया है, वे समाज में दलित और स्वर्णों के बीच नफरत फैलाना चाहते हैं।
भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर में प्रवेश करने पर मंदिर को गंगाजल से धोने के मामले में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार के नेतृत्व विरोध प्रदर्शन किया गया।
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कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर नारेबाजी कर विरोध जताते हुए ज्ञानदेव आहूजा का पुतला दहन किया। विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक आहूजा ने कांग्रेस पार्टी के दलित पदाधिकारी और पिछड़े लोगों के मंदिर में प्रवेश करने पर मंदिर को गंगाजल से धोने की अपमानजनक हरकत की है। मुख्यमंत्री भजनलाल ने पूर्व विधायक की हरकत के बारे में चुप्पी साध रखी है और कोई टिप्पणी नहीं की है।
जिसकी जिला कांग्रेस कमेटी निंदा करती है। कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने कहा कि ये कृत्य भाजपा की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। भारतीय जनता पार्टी और उनके नेताओं ने विकृत मानसिकता का परिचय है। सबको समानता का अधिकार है और बीजेपी को इस भेदभाव और ऊंच नीच की राजनीति को बंद करना चाहिए।
समाज और संविधान के खिलाफ
घाटोल विधायक नानालाल निनामा ने कहा कि ज्ञानदेव आहूजा का बयान सिर्फ दलितों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज और संविधान के खिलाफ है। बीजेपी नेताओं ने उन्हें उकसाया है, वे समाज में दलित और स्वर्णों के बीच नफरत फैलाना चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली विधानसभा में दलित, पिछड़े, वंचित, शोषित युवाओं व किसानों सहित हर वर्ग की आवाज और सवाल मजबूती से उठाते हैं, जिनका इस पर्ची सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए भाजपा नेता उनके खिलाफ इस तरह का बयान दे रहें है, लेकिन मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वो पूर्व विधायक के इस बयान से सहमत है या असहमत हैं।