बांसवाड़ा जिले में एक सरकारी शिक्षक को ऑनलाइन गेम खेलने की लत ले डूबी। वेतन से अग्रिम राशि लेने, जेवर गिरवी रखने के बाद भी कर्ज नहीं उतरा तो बांसवाड़ा शहर के दो ज्वैलर्स के बारे में जानकारी जुटाकर खुद को गैंगस्टर बताते हुए धमकी भरे पत्र भेजकर 1.40 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। ज्वैलर्स की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के बाद सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि आरोपी टिम्बामहूड़ी गांव निवासी विकेश कुमार कामोल जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चुडादा में सैकंड ग्रेड गणित का शिक्षक है। गत 30 मार्च को आरोपी शिक्षक ने दो ज्वैलर्स ने अपनी दुकान में धमकी भरा पत्र डाला। इसमें 1.40 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और पैसे नहीं देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन ज्वैलर्स ने धमकी भरा पत्र मिलने की शिकायत दी। इस पर राजतालाब थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।
80 लाख का हुआ कर्ज
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई थी। उसने इस लत में लाखों रुपये गंवा दिए। उसने एक वर्ष पहले गेम खेलना छोड़ दिया था, किंतु उस पर 80 लाख रुपये का कर्ज हो गया। कर्ज चुकाने के लिए आरोपी ने अपने नाम से पांच लोन लिए। रिश्तेदारों के गहने लेकर गिरवी रखे। अपने वेतन से 6 लाख रुपये एडवांस भी उठाया, किंतु वह कर्ज नहीं चुका पाया। उसने अपनी सरकारी शिक्षिका पत्नी के नाम से लिए लोन के 30 लाख रुपये भी गंवा दिए।
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गाय खरीदने के बहाने जुटाई जानकारी
पुलिस ने बताया कि आरोपी विकेश ने देनदारों के दबाव के कारण कर्ज से उबरने के लिए उसने खुद को गैंगस्टर बताकर फिरौती मांगने की साजिश रची। इसके लिए उसने शहर के दो ज्वैलर्स को चुना। इसके बाद एक फार्म हाउस के चौकीदार से गाय खरीदने के बहाने मिलकर ज्वैलर्स की संपत्ति आदि की जानकारी जुटाई। इसके बाद 30 मार्च को उसने एक व्यापारी की दुकान के शटर के नीचे धमकी भरा पत्र डाला, जबकि दूसरे व्यापारी के कर्मचारी को लिफाफा थमाया। एक व्यापारी से 90 लाख और दूसरे से 50 लाख रुपये की मांग की। उसे रुपये दाहोद मार्ग पर भोयन घाटी में पानी की टंकी के पास नीम के पेड़ के नीचे रखने का निर्देश भी मिला। यह स्थान खुला हुआ है। आसपास आबादी नहीं है, ताकि रुपये मिलने पर आसानी से भागा जा सके।
300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
एसपी जोशी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद शहर के प्रवेश और निकासी द्वारों और मार्गों पर लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लिफाफों को लेकर स्टेशनरी की दुकानों पर पहुंचकर भी साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। इसके बाद उसके आने-जाने का रूटमैप तैयार किया। पहचान पुख्ता होने के बाद पुलिस आरोपी विकेश के गांव टिम्बामहूड़ी पहुंची, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।