बांसवाड़ा नगर परिषद, कुशलगढ़ और परतापुर-गढ़ी नगर पालिका चुनाव में बीएपी को एक भी सीट नहीं मिली। हार के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने बांसवाड़ा जिले के सभी पार्टी पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया।
नगर निकाय चुनाव के अंतर्गत बांसवाड़ा नगर परिषद और कुशलगढ़ तथा परतापुर-गढ़ी नगर पालिका में भारत आदिवासी पार्टी की करारी हार के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिले के सभी पदाधिकारियों को पद मुक्त करने का बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।
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तीन लाइन के आदेश से मचा हड़कंप
भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत की ओर से पार्टी के लेटरहेड पर मात्र तीन लाइनों का एक आदेश जारी किया गया है। आदेश में लिखा है कि 'नगर परिषद, नगर पालिका के चुनाव में आपसी खींचतान करके चुनाव हारने के कारण बांसवाड़ा जिले के सभी पार्टी पदाधिकारी को पदमुक्त किया जाता है।' इस आदेश के सामने आने के बाद पार्टी के जिला संगठन में हलचल तेज हो गई है।
19 प्रत्याशी उतारे, एक भी नहीं जीता
भारत आदिवासी पार्टी ने बांसवाड़ा नगर परिषद के 60 वार्डों में से 20 वार्डों में अपने प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल किए थे। एक प्रत्याशी ने अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद चुनाव मैदान में 19 प्रत्याशी थे, लेकिन एक भी प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका। पार्टी ने अधिकांश टिकट आदिवासी और मुस्लिम प्रत्याशियों को दिए थे। इसके अलावा कुशलगढ़ नगर पालिका में 4 और परतापुर-गढ़ी नगर पालिका में 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन एक भी प्रत्याशी जनता का भरोसा नहीं जीत पाया।
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विधानसभा में उतरे प्रत्याशी को भी हार
बांसवाड़ा नगर परिषद में वार्ड नंबर 1 से भारत आदिवासी पार्टी ने हेमंत राणा को टिकट दिया था, लेकिन इस वार्ड से उन्हें हार झेलनी पड़ी है। इस वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा है। हेमंत राणा गत विधानसभा चुनाव में बांसवाड़ा विधानसभा सीट से बीएपी के प्रत्याशी भी रहे हैं, लेकिन वह अपने ही वार्ड में चुनाव नहीं जीत पाए। निकाय चुनाव में पार्टी के इस प्रदर्शन ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।