बांसवाड़ा जिले में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी, रुपयों की मांग, जेवरात और नकदी लेकर घर छोड़ने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने पत्नी, ससुर, सास और साली के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शहर की मोहन कॉलोनी निवासी वेदांक पंड्या ने रिपोर्ट में बताया कि उनका विवाह 29 नवंबर 2023 को हिंदू रीति-रिवाज से प्रतापगढ़ के खेरादी मोहल्ला निवासी प्रियंका शर्मा के साथ हुआ था।
'विवाह से पहले मांगे गए थे एक लाख रुपये'
शिकायत के अनुसार, विवाह से पहले प्रियंका के पिता गजेंद्र शर्मा ने शादी कराने के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि यह राशि वेदांक के पिता ने दी। परिवाद में यह भी कहा गया है कि विवाह का पूरा खर्च भी युवक के परिवार ने उठाया और सोने-चांदी के आभूषण सहित अन्य मांगें पूरी की गईं। कुल मिलाकर करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
शादी के बाद पांच लाख रुपये मांगने का आरोप
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि विवाह के बाद पत्नी और उसके परिजनों ने पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर पूरे परिवार को दहेज प्रकरण में फंसाने और आत्महत्या कर झूठे मुकदमे में उलझाने की धमकियां दी गईं। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी का व्यवहार परिवार के प्रति सामान्य नहीं था और वह अक्सर मायके चली जाती थी।
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जेवरात और 60 हजार रुपये लेकर चली गई
शिकायत के अनुसार, 9 अगस्त 2024 को प्रियंका बिना बताए मायके चली गई। आरोप है कि वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 60 हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। इसके बाद भी कथित तौर पर पांच लाख रुपये की मांग और धमकियां जारी रहीं।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
युवक ने बताया कि उसने इस संबंध में पहले कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने प्रियंका शर्मा, गजेंद्र शर्मा, मीना शर्मा और अमीषा शर्मा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।