डूंगरपुर जिला अस्पताल के सामने स्थित बेशकीमती भूमि पर बने शॉपिंग मॉल को बेहद कम कीमत पर नीलाम किए जाने का मामला सामने आया है। नीलामी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर परिषद के एक निर्दलीय पार्षद ने स्वायत्त शासन मंत्री और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को शिकायत भेजी है। वहीं, नीलामी में मॉल खरीदने वाली फर्म ने निर्धारित समयावधि में पूरी राशि भी जमा नहीं कराई है।
लंबे समय से खाली पड़ा है मॉल
नगर परिषद के निर्दलीय पार्षद नीतिन प्रकाश ने बताया कि नगर परिषद ने वर्ष 2018–19 में जिला अस्पताल के सामने लोगों की सुविधा के लिए तीन मंजिला शॉपिंग मॉल का निर्माण कराया था। मॉल में कुल 33 दुकानें बनाई गई थीं और रूफ टॉप रेस्टोरेंट की भी योजना थी। निर्माण पूरा होने के बावजूद यह मॉल लंबे समय तक खाली पड़ा रहा।
छह माह पहले हुई नीलामी
पार्षद नीतिन प्रकाश के अनुसार नगर परिषद ने दुकानों की नीलामी कर 14 करोड़ 65 लाख रुपये की आय अर्जित करने की योजना बनाई थी, लेकिन दुकानों की अलग-अलग नीलामी करने के बजाय पूरे मॉल को एक साथ बेचने के लिए नीलामी निकाली गई, जिससे केवल बड़ी फर्में ही भाग ले सकें। जुलाई 2025 में हुई नीलामी में यह शॉपिंग मॉल निर्धारित आय से काफी कम कीमत पर बेच दिया गया।
करोड़ों के नुकसान का आरोप
शिकायत के अनुसार मॉल को 9 करोड़ 46 लाख 55 हजार 750 रुपये में नीलाम किया गया, जबकि नगर परिषद की आय योजना 14 करोड़ 65 लाख रुपये की थी। इससे परिषद को लगभग 5 करोड़ 19 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ। पार्षद ने बताया कि जिस भूमि पर मॉल का निर्माण किया गया है, उसकी वर्तमान बाजार दर करीब 10 हजार रुपये प्रति वर्गफीट है। करीब 12 हजार 250 वर्गफीट क्षेत्रफल में बने मॉल को कम कीमत पर बेचने को लेकर उन्होंने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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राशि जमा नहीं होने पर नोटिस
इधर, शिकायत के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि नीलामी में निलेश गांधी ने 9.46 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई थी, जिसमें से 15 प्रतिशत राशि जमा करवा दी गई थी। नियमानुसार फर्म को 120 दिनों के भीतर 35 प्रतिशत राशि जमा करनी थी, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर 13 जनवरी को नोटिस जारी कर 180 दिनों की अवधि में राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नियमानुसार 9 प्रतिशत ब्याज भी लागू हो चुका है। यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं कराई गई तो तीन नोटिस जारी करने के बाद अब तक जमा 15 प्रतिशत राशि जब्त कर नीलामी निरस्त कर दी जाएगी।