राजस्थान के प्रयाग बेणेश्वर धाम पूजन कार्यक्रम।
- फोटो : अमर उजाला
माही, सोम और जाखम नदियों के जल संगम तीर्थ राजस्थान के प्रयाग बेणेश्वर धाम पर बुधवार को माघ पूर्णिमा पर वार्षिक मेले में लगभग तीन लाख श्रद्धालु उमड़े। भोर होने के साथ बेणेश्वर धाम पहुंचे श्रद्धालुओं की रेलमपेल दिनभर बनी रही। रात्रि में भी मेला पूरे परवान पर रहा।
बेणेश्वर धाम पर राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर जिलों के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने जल संगम तीर्थ पर आबूदरा में पवित्र स्नान किया। भगवान बेणेश्वर के दर्शन किए। इसके बाद अपने दिवंगत परिजनों की अस्थियों को भावुक मन से जल में प्रवाहित किया। श्रद्धालुओं ने नदी के तट के समीप ही खुली जगह पर दाल-बाटी बनाकर परिजनों के साथ सामूहिक रूप से ग्रहण किया।
पालकी यात्रा का उत्साह
इधर, साबला स्थित हरि मंदिर से बेणेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महंत अच्युतानन्द महाराज की पालकी यात्रा का अपार उत्साह रहा। संत मावजी महाराज और बेणेश्वर धाम के जयकारों के बीच माव भक्तों ने महंत के संग पवित्र स्नान किया। महंत को कंधों पर बिठाकर पालकी तक ले गए। इसके उपरांत सुसज्जित पालकी में महंत को बिठाकर भक्त शंख ध्वनि की गूंज के बीच भजन-कीर्तन करते हुए पुनः पांच किलोमीटर दूर साबला हरिमंदिर पहुंचे।
मेले का आनंद, जमकर खरीददारी
वार्षिक मेले में पहुंचे लोगों ने यहां लगी दुकानों पर अपनी आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की खरीदारी की। मेलार्थियों ने झूले-चकरी, डोलर में झूलने का भी जमकर लुत्फ उठाया। मेला पंचमी तक चलेगा।