बालोतरा जिले के सिणधरी उपखंड क्षेत्र के डंडाली गांव में रविवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। खेत में बनी पानी की टंकी में गिरने से एक युवती की डूबकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
घटना को लेकर होमगार्ड के जवान गौतम माली ने बताया डंडाली निवासी भागवती पुत्री चूनाराम मेघवाल रविवार शाम करीब 8 बजे अपने खेत पर स्थित पानी की डिग्गी से पानी भरने गई थी। इस दौरान टंकी के किनारे पर खड़े रहते समय उसका पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी। टंकी में पानी का स्तर काफी अधिक था और किनारे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण वह बाहर नहीं निकल सकी।
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने तत्काल बचाव का प्रयास शुरू किया। लेकिन रात का अंधेरा, सीमित रोशनी और टंकी की अधिक गहराई के कारण ग्रामीण युवती तक नहीं पहुंच सके। स्थिति गंभीर होते देख तत्काल प्रशासन और बचाव दल को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही बालोतरा से तैराकों की टीम मौके के लिए रवाना हुई। रेस्क्यू अभियान रात में ही शुरू किया गया। ठंडे पानी, अंधेरे और जोखिम भरी परिस्थितियों के बावजूद टीम ने साहस दिखाते हुए टंकी में उतरकर तलाशी अभियान चलाया। करीब तीन घंटे से ज्यादा समय बाद कड़ी मशक्कत के बाद रात लगभग 11:30 बजे युवती का शव पानी से बाहर निकाला गया।
इस रेस्क्यू अभियान में सिविल डिफेंस के जनक माली, होमगार्ड के जवान गौतम माली तथा स्थानीय तैराक गोपाल माली की अहम भूमिका रही। टीम के सदस्यों ने चुनौतीपूर्ण हालात में भी संयम और साहस के साथ कार्य करते हुए अभियान को पूरा किया।
पढ़ें- Rajasthan News: नाम पूछकर वापस लिया कंबल, पूर्व सांसद के वीडियो से गरमाई सियासत, सोशल मीडिया पर हो रहे ट्रोल
घटना के बाद मृतका के शव को सिणधरी सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया गया है। आज सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटनावश डूबने का मामला माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन से मांग की है कि खेतों में बनी पानी की टंकियों के आसपास सुरक्षा दीवार, रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई टंकियां खुली और गहरी हैं, जहां आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।