उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समदड़ी-लूनी रेलखंड पर दूदिया और दुंदाड़ा स्टेशनों के बीच तीन समपार फाटकों पर रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) निर्माण कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए 7 और 8 जून को ट्रैक ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, कुछ आंशिक रूप से रद्द की जाएंगी, जबकि कुछ ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा।
दो एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन रहेगा आंशिक रूप से प्रभावित
रेलवे ने दो एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है।
रेलवे के अनुसार इसका असर दैनिक यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है।
जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट एक्सप्रेस का मार्ग बदला
इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
पाली, मारवाड़ जंक्शन, रानी, फालना, सुमेरपुर, पिंडवाड़ा, आबू रोड, पालनपुर, सिद्धपुर और उंझा स्टेशन पर यात्रियों को चढ़ने और उतरने की सुविधा मिलेगी।
इन स्टेशनों पर नहीं रुकेगी ट्रेन
दुंदाड़ा, समदड़ी, मोकलसर, जालोर, मोदरान, भीनमाल, रानीवाड़ा, धानेरा, भीलड़ी और पाटन स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव नहीं होगा।
वापसी में भी बदले मार्ग से चलेगी साबरमती-जैसलमेर एक्सप्रेस
20486 साबरमती-जैसलमेर एक्सप्रेस भी परिवर्तित मार्ग से संचालित की जाएगी।
यह ट्रेन महेसाना-मारवाड़ जंक्शन-लूनी मार्ग से चलेगी।
इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव
उंझा, सिद्धपुर, पालनपुर, आबू रोड, पिंडवाड़ा, सुमेरपुर, फालना, रानी, मारवाड़ जंक्शन और पाली स्टेशन पर यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
इन स्टेशनों पर नहीं रुकेगी
पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, भीनमाल, मोदरान, जालोर, मोकलसर और समदड़ी स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव निरस्त रहेगा।
ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस भी होगी प्रभावित
रेलवे के अनुसार 6 जून को ऋषिकेश से रवाना होने वाली 14887 ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस भी इस ब्लॉक कार्य से प्रभावित होगी।
यह ट्रेन बीकानेर और लूनी के बीच लगभग 135 मिनट यानी सवा दो घंटे से अधिक की देरी से संचालित होगी।
यात्रियों को रेलवे की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें। ट्रेन की वास्तविक स्थिति, आगमन-प्रस्थान समय और मार्ग परिवर्तन की जानकारी के लिए यात्री रेलवे हेल्पलाइन 139 या एनटीईएस (National Train Enquiry System) ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
निर्माण कार्य के बाद मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रोड अंडर ब्रिज निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र में रेल और सड़क यातायात दोनों की सुरक्षा बेहतर होगी। समपार फाटकों पर होने वाली संभावित दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। रेलवे का मानना है कि थोड़ी अस्थायी असुविधा के बदले यात्रियों और स्थानीय लोगों को लंबे समय तक इसका लाभ मिलेगा।