जीवनदायिनी नदियां जोजरी, लूणी और बांडी में लगातार बढ़ते प्रदूषण के गंभीर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने एक बार फिर बालोतरा का दौरा किया। रिटायर्ड हाईकोर्ट जस्टिस संगीत लोढ़ा के नेतृत्व में यह टीम तीसरी बार इलाके में पहुंची, जिससे प्रशासन, उद्योगों और आमजन में हलचल तेज हो गई।
इसके बाद कमेटी बालोतरा पहुंची, जहां कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और एचआरटीएस का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक रमेश और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सीईटीपी में समीक्षा बैठक, उद्योगों पर कड़ी नजर
जस्टिस लोढ़ा ने प्लांट की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्था और प्रदूषण नियंत्रण उपायों का बारीकी से मूल्यांकन किया। साथ ही उन्होंने यह भी परखा कि उद्योगों द्वारा पर्यावरणीय मानकों और नियमों का कितना पालन किया जा रहा है। कमेटी ने विशेष रूप से जोजरी, लूणी और बांडी नदियों में औद्योगिक अपशिष्ट के प्रभाव, जल की गुणवत्ता और आसपास के पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को गंभीरता से लिया।
एचआरटीएस संचालन पर नाराजगी, बंद करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि एचआरटीएस को बंद करने के आदेश के बावजूद उसका संचालन जारी है। इस पर जस्टिस लोढ़ा ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इसे बंद करने और स्थायी समाधान लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
कमेटी ने लूणी नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर न केवल पर्यावरण बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस और दीर्घकालिक उपाय अपनाने पर जोर दिया।
स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों की मांग
इस दौरान आरएलपी नेता थानसिंह डोली ने कमेटी को अवगत कराया कि जोजरी नदी का प्रदूषण अब विकराल रूप ले चुका है और इससे किसानों, पशुपालकों व आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार जस्टिस संगीत लोढ़ा कमेटी अपने निरीक्षण और समीक्षा के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सख्त कदमों की सिफारिश की जा सकती है। कमेटी पहले भी जोधपुर, बालोतरा और पाली क्षेत्रों का दौरा कर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। अब तीसरे दौरे के बाद अंतिम विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
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लोगों में जगी उम्मीद