जिले के पाटोदी क्षेत्र के मेडिवासन गांव में जमीन के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। दिनदहाड़े कई वाहनों में भरकर पहुंचे लोगों ने एक मकान को जेसीबी मशीन से ढहाने का प्रयास किया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान जमकर हंगामा हुआ, मारपीट के आरोप लगे और गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच तनातनी चल रही थी। शनिवार को अचानक बस, थार और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियों में सवार होकर दर्जनों लोग मेडिवासन गांव पहुंचे। उनके साथ मजदूर और एक जेसीबी मशीन भी मौजूद थी। आरोप है कि वहां पहुंचते ही उन्होंने विवादित मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। जेसीबी मशीन से दीवारों और घर के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे परिवार के लोग दहशत में आ गए।
घटना के दौरान गांव में भारी हंगामा मच गया। मकान मालिक पक्ष ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर बांधकर घर में तोड़फोड़ की गई और महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि करीब 50 से अधिक लोग सुनियोजित तरीके से गांव पहुंचे थे और मकान को पूरी तरह ध्वस्त करने का प्रयास कर रहे थे।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पचपदरा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पचपदरा डीएसपी विकास कुमार और थाना प्रभारी गीता चौधरी के नेतृत्व में मंडली और गिड़ा थाना पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एहतियात के तौर पर पूरे जिले में नाकाबंदी करवाई गई ताकि घटना में शामिल लोग भाग न सकें।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से एक जेसीबी मशीन और एक बस जब्त कर ली। वहीं करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का जायजा लिया। तहसीलदार रुस्तम खान ने बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ है, वह मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। इस जमीन पर कमिश्नर कार्यालय और 8 एए कोर्ट का स्टे प्रभावी है। बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा लेने और निर्माण गिराने का प्रयास किया गया, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गांव में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है और दोनों पक्षों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।