नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को शनिवार को दांद में दर्द हुआ। जिसे लेकर उसे एम्स अस्पताल लाया गया। जहां रुटीन चेकअप के साथ उसके दांत की भी जांच कराई गई। इस दौरान करीब दो घंटे तक आसाराम अस्पताल में रहा। जांच पूरी होने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया।
इधर, आसाराम को अस्पताल लाए जाने की जानकारी लगते ही उसके समर्थक जुटना शुरू हो गए। समर्थकों की भीड़ अधिक हुई तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा। समर्थक आसाराम की झलक पाने के लिए पुलिस वाहन तक भी पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस सख्ती दिखाते हुए उन्हें दूर खदेड़ा।
दरअसल, आसाराम को सुबह से ही दांत दर्द हो रहा था। जिसके बाद शनिवार दोपहर को जेल डिस्पेंसरी से उसे एम्स अस्पताल लाया गया था। जहां उसकी जांच की गई। आसाराम के एम्स अस्पताल आने की जानकारी उसके समर्थकों को लगी तो वे अस्पताल और बाहर जुटना शुरू हो गए। हालांकि, पुलिस ने उसे किसी से नहीं मिलने दिया। जांच के बद पुलिस की टीम आसाराम को जोधपुर केंद्रीय जेल ले गई। जहां आसाराम पहले से ही बंद है।
जानें क्या है मामला?
आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। छात्रा ने कहा था कि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया। 20 अगस्त 2013 को पीड़िता ने दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर केस की जांच जोधपुर पुलिस को दे दी। 31 अगस्त 2013 को पुलिस ने मप्र के इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया और जोधपुर लेकर आई। अप्रैल 2018 में कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी थी।