अमेरिकी कंपनियां राजस्थान में सौर ऊर्जा और मेट्रो ट्रेन जैसी परियोजनाओं में निवेश करने की इच्छुक हैं। इसके लिये जयपुर में बिजनेस हेल्प डेस्क भी बनाया जायेगा। बताया जा रहा है कि अमेरिकी रूचि सौर ऊर्जा, जयपुर में मेट्रो ट्रेन के लिए मशीनरी-लोकोमेटिव इंडस्ट्री और दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के दोनों ओर बनने वाले शहरों, सड़कों, खनन क्षेत्रों में निवेश की हो सकती है।
इस संबंध में अमेरिकी राजदूत नेंसी जे. पॉवेल और अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने वीरवार को मुख्य सचिव सी. के. मैथ्यू सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ बैठक की। पॉवेल ने राज्यपाल माग्रेट आल्व व फिक्की के प्रतिनिधियों से भी मुलाकत की। उनके साथ अमेरिकी वाणिज्य सचिव ओ कॉनर भी थे।
फिक्की की ओर से आयोजित अंतरसंवाद कार्यक्रम में नैंसी पॉवेल और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान को निवेश के लिये महत्वपूर्ण बताया। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास जी. एस. संधु ने बताया कि सौर ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अमेरिका की रूचि है। सरकार के विभिन्न विभागों ने राजस्थान की सारी आवश्यक जानकारी उन्हें दे दी है।
साथ ही भारत में अमेरिकी लॉबिंग पर उठ रहे सवालों के मद्देनजर पॉवेल ने मीडिया से कहा कि अमरीका में लॉबिंग के लिए गाइडलाइन तय हैं, भारत में इसे लेकर गलत माहौल बनाया जा रहा है। लॉबिंग को रिश्वतखोरी के बराबर नहीं माना जा सकता।