फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जोशी ने सिर्फ खुद को फायदा पहुंचाया है'

Thu, 20 Mar 2014 06:59 PM IST
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
एक तरफ निशानेबाजी में ओलिंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हैं, तो दूसरी तरफ अनुभवी राजनीतिज्ञ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी.जोशी खड़े हैं। दोनों के बीच जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से मुकाबला काफी रोचक बनता दिखाई दे रहा है। इसी सिलसिले में अमर उजाला संवाददाता ने राज्यवर्धन राठौड़ से बातचीत की।
विज्ञापन


आप खेल के मैदान से सीधे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। नई पारी को कितनी बड़ी चुनौती मानते हैं?
जीवन में चुनौतियां तो आती ही रहती हैं और बदलाव तो दुनिया की नीति है। खेल और चुनाव दोनों को मैं समानता के भाव से देखता हूं। वह है राष्ट्रभावना। मैं देश की ओर से खेलने पहुंचा, तो मैं किसी जाति या धर्म की भावना से नहीं, बल्कि राष्ट्रभावना से खेलने गया। फौज में भी मैं इसी भावना से जुड़ा और यही भाव चुनाव में भी मेरे अंदर हैं। मैं राष्ट्रभाव के साथ चुनाव मैदान में उतरा हूं, न कि किसी जाति या धर्म के प्रतिनिधि के रूप में।

आपके सामने कांग्रेस के अनुभवी नेता सी.पी. जोशी खड़े हैं। मुकाबला कितना मुश्किल लगता है?
सी.पी. जोशी की लीडरशिप से देश को कोई फायदा नहीं पहुंचा है। हां, उन्होंने राजनीति के जरिए खुद को फायदा जरूर पहुंचाया है। यदि उनके नेता होने से देश को फायदा पहुंचता, तो मेरे लिए वे बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। लोगों को नई सोच वाले प्रतिनिधि की जरूरत है, ताकि देश को नई दिशा मिल सके। यह मुकाबला मेरा नहीं है, बल्कि आम जनता का है।
विज्ञापन


क्या आपने खुद जयपुर ग्रामीण सीट से चुनाव लडऩे की इच्छा जताई थी?
नहीं। पिछले 15-20 दिनों से चल रही खबरों में मुझे कभी अजमेर से टिकट देने की बात चल रही थी, तो कभी शेखावाटी से, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने मेरे व्यक्तित्व को देखते हुए जो उचित समझा, वहीं से मुझे टिकट दिया है।

राजनीति के लिए भाजपा ही क्यों, आप कांग्रेस भी चुन सकते थे?
आम जनता की तरह मुझे भी देश में कुशल और सख्त नेतृत्व की कमी खल रही थी। ऐसे में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से मैं प्रभावित हुआ। जिसे लोग मोदी लहर कह रहे हैं, वह विचारों का मेल ही तो है। किसी के विचारों को और किसी की नेतृत्व क्षमता को लेकर इस तरह का समर्थन सालों में देखने को मिलता है। इस लहर का फायदा निश्चित तौर पर चुनाव मैदान में मुझे भी मिलेगा। जनता मजबूत नेतृत्व को लाना चाहती है।
विज्ञापन



और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें