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Rajasthan Murder: रील की दुनिया में पति को बताती थी देवता लेकिन रियल में हत्या कर नीले ड्रम में ठिकाने लगाया

Tue, 19 Aug 2025 09:25 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Alwar Murder Case: लक्ष्मी उर्फ सुनीता को रील बनाने का शौक था। ससुराल वालों ने इस पर टोका भी था लेकिन उसने नहीं सुनी। उसकी आईडी पर दर्जनों ऐसी रील्स मिली हैं, जिसमें वह अपने पति के लिए गाने गा रही है।
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Lakshmi Devi alias Sunita, Husband murdered - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजस्थान के खैरथल-तिजारा के किशनगढ़बास में प्रेमी के साथ मिलकर पति हंसराम की हत्या कर शव नीले ड्रम में छुपाने वाली लक्ष्मी देवी उर्फ सुनीता को पुलिस ने पकड़ लिया। उसका बॉयफ्रेंड जितेंद्र शर्मा भी पुलिस की गिरफ्त में है।पुलिस आज पूरे मामले का खुलासा करेगी। असर जिंदगी में पति को मार कर नीले ड्रम में लाश ठिकाने लगाने वाली सुनीता रिली लाइफ में अपने पति हंसराम को अपना देवता बताती थी। लक्ष्मी उर्फ सुनीता को रील बनाने का शौक था। ससुराल वालों ने इस पर टोका भी था लेकिन उसने नहीं सुनी। यही नहीं ज़ब हमने लक्ष्मी उर्फ़ सुनीता की पड़ताल की तो देखा कि रील की दुनिया में वो पति के साथ, बच्चों के साथ रील बनाती। उसकी इंस्टा आईडी पर दर्जनों ऐसी रील्स मिली हैं, जिसमें वह अपने पति के लिए गाने गा रही है। 
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उसकी रील की दुनिया की जिंदगी देखें तो... कुछ इस तरह के गानों की रील बनाकर वह सोशल मीडिया पर डालती थी। -

"भला है बुरा है जैसा भी है, मेरा पति मेरा देवता है"

"तुम मेरी जिंदगी का सहारा बनो, मैं जमीं पर सितारे सजाती रहूं"

"मर गई तो अलग बात है वरना जिंदा रही तो तुझे छोड़ने वालों में से नहीं"

अपने बॉयफ्रेंड के साथ अपने पति की हत्या में शामिल लक्ष्मी उर्फ़ सुनीता की रील वाली जिंदगी है..बाकि रियल लाइफ में उसने क्या किया ये पुरी दुनिया के सामने आ चुका है। गौरतलब है कि अलवर जिले के खैरथल तिजारा के किशनगढ़बास में रहने वाले हंसराम का शव नीले रंग के ड्रम में मिला। जांच में पता चला कि हत्या उसकी पत्नी सुनीता ने ही की है। सुनीता और मकान मालिक का बेटा जितेंद्र भी गायब थे। मृतक हंसराम और उसकी पत्नी का प्रेमी जितेंद्र ईंट के भट्टे पर साथ काम करते थे। जितेंद्र की पत्नी की मौत काफी साल पहले हो चुकी थी। आरोपी जितेंद्र और मृतक हंसराम की पत्नी के बीच रिश्ते यहीं से शुरू हो गए थे। ईंट के भट्टे का काम खत्म हुआ तो अपना तक हंस राम ने जितेंद्र को कहा कि वह अपने गांव उत्तर प्रदेश चला जाएगा। यह बात जितेंद्र को खटकी और उसे लगा कि अब उसकी और लक्ष्मी की मुलाकात नहीं हो पाएगी। ऐसे में उसने हंसराम को कहा कि वो उसके घर में कम किराए पर रह सकता है और उसकी वो नौकरी भी आसपास लगवा देगा। 17 अगस्त की वारदात से करीब डेढ़ महीने पहले ही हंसराम अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इस घर में आया था जहां उसकी हत्या हुई। आसपास पड़ोस में बदबू आई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
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