अलवर नगर निकाय चुनाव के बाद अब 14 सितंबर को होने वाली मतगणना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अलवर नगर निगम चुनाव की मतगणना सुबह 8 बजे से बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में शुरू होगी। मतगणना स्थल और आसपास के इलाके में सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 300 पुलिसकर्मियों के हाथों में रहेगी। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
कॉलेज के अंदर-बाहर 300 पुलिसकर्मियों का पहरा
बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज के अंदर और बाहर करीब 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। कॉलेज परिसर के प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस बल मौजूद रहेगा। मतगणना स्थल के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जाएगी। प्रत्याशियों, उनके अभिकर्ताओं और समर्थकों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पांच कमरों में होगी मतों की गिनती
मतगणना के लिए कॉलेज परिसर में पांच कमरों की व्यवस्था की गई है। सभी कमरों में एक साथ मतगणना होगी और प्रत्येक कमरे में छह टेबल लगाई गई हैं। सुबह 8 बजे सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी। इसके बाद ईवीएम में पड़े मतों की गणना शुरू की जाएगी। प्रशासन के अनुसार सुबह करीब साढ़े 8 बजे से शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे।
344 प्रत्याशियों की किस्मत का खुलेगा राज
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में कुल 344 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के 65-65 प्रत्याशी हैं, जबकि निर्दलीय एवं अन्य प्रत्याशियों की संख्या 215 है। नगर निगम क्षेत्र में 2 लाख 68 हजार 292 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 1 लाख 76 हजार 402 ने मतदान किया। कुल मतदान प्रतिशत 65.72 रहा।
कानून-व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन की ओर से मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मतगणना के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर भी पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
दो से तीन घंटे में साफ हो सकती है तस्वीर
प्रशासन का अनुमान है कि मतगणना शुरू होने के दो से तीन घंटे के भीतर अधिकांश परिणाम सामने आ सकते हैं। सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों से शुरू होने वाली प्रक्रिया के बाद ईवीएम के परिणाम सामने आएंगे। इसके साथ ही अलवर नगर निगम की नई शहरी सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी।