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Ajmer News: श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन में कांग्रेस का भाजपा पर हमला, बारिश में भी उमड़ा किसानों का सैलाब

Sun, 24 Aug 2025 10:29 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर के श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन में मूसलाधार बारिश के बावजूद हजारों किसान जुटे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। दुग्ध उत्पादकों ने बकाया भुगतान, चारा अनुदान और डेयरी क्षेत्र को कृषि में शामिल करने जैसी मांगें रखीं।
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अजमेर में श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन का आयोजन।
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विस्तार
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अजमेर के तबीजी स्थित पशु आहार केंद्र के निकट रविवार को आयोजित श्वेत क्रांति सहकार सम्मेलन में मूसलाधार बारिश के बावजूद किसानों और पशुपालकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में किसान भीगते हुए सम्मेलन स्थल पर डटे रहे और अपनी समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने की, वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ सहित प्रदेशभर के दुग्ध संघ अध्यक्ष और कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद रहे।

भाजपा सरकार किसानों को रुला रही- जूली
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सम्मेलन में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों की आमदनी दुगनी करने का वादा किया था, लेकिन आज वही किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को न तो खाद मिल रही है और जहां मिल रही है, वहां नकली खाद बांटी जा रही है। जूली ने कहा, कांग्रेस सरकार ने 5 रुपये प्रति लीटर बोनस देना शुरू किया था, लेकिन भाजपा ने इसे रोक दिया। दूध संबल योजना की राशि भी रोकी हुई है। सरकार के पास बड़े उद्योगपतियों के लिए तो पैसा है, लेकिन किसानों, गरीबों, पेंशनर्स और बच्चों की स्कॉलरशिप के लिए नहीं।
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कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर भी घेरा
जूली ने राज्य की कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला है, सरकार की मॉनिटरिंग व्यवस्था पूरी तरह फेल है। बाढ़ पीड़ित राहत के इंतजार में हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को दिल्ली जाने से फुर्सत नहीं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं और बीमारियां फैल रही हैं।

दुग्ध उत्पादकों की मांगें
  • मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना की 320 करोड़ बकाया राशि का तुरंत भुगतान।
  • मिड-डे मील योजना की 320 करोड़ की राशि का एकमुश्त भुगतान।
  • अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को चारा अनुदान और फसल बीमा राशि।
  • डेयरी क्षेत्र को कृषि क्षेत्र में शामिल किया जाए।
  • IDS कैडर की स्थापना व रिक्त पदों पर भर्ती।
  • किसानों को सेक्स-सॉर्टेड सीमन निशुल्क मिले।
  • लावारिस सांडों का बंध्याकरण हो।

रामचंद्र चौधरी ने दिया आंदोलन का संकेत
अजमेर सरस डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने किसानों व दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए कहा, यह सम्मेलन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि सरकार के लिए चेतावनी है। जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सभी किसानों और पशुपालकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह महाकुंभ किसानों की एकता और संघर्ष का प्रतीक है।
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