फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tiger Reserve: राजस्थान में बनेगा 5वां टाइगर रिजर्व, करौली-धौलपुर-भरतपुर जंगलों को जोड़कर बनेगी Tiger टेरेटरी

Wed, 08 Feb 2023 12:56 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में करौली, धौलपुर और भरतपुर ज़िलों के जंगलों को जोड़कर जल्द ही नया 5वां नेशनल टाइगर रिजर्व बनने जा रहा है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने प्रदेश के वन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के करौली, धौलपुर और भरतपुर के जंगलों को जोड़कर 5वां नया टाइगर रिजर्व बनाने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश में फिलहाल सवाई माधोपुर ज़िले का रणथम्भौर, अलवर जिले का सरिस्का, कोटा ज़िले का मुकुंदरा और बूंदी ज़िले का रामगढ़ टाइगर रिजर्व हैं।

विज्ञापन


बता दें कि नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने राजस्थान के वन विभाग के उस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसमें सवाईमाधोपुर ज़िले के रणथम्भौर अभ्यारण्य के दूसरे डिवीजन करौली ज़िले के कैलादेवी अभयारण्य और धौलपुर ज़िले के जंगलों को जोड़कर एक नया टाइगर रिजर्व घोषित करने की मांग की गई थी। इसमें भरतपुर ज़िले के जंगलों का भी कुछ एरिया शामिल होगा। साल 2022 की शुरुआत में राजस्थान के वन विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा था।

कुल एरिया 1058 वर्ग किलोमीटर होगा...
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग ने करौली, धौलपुर, सरमथुरा और भरतपुर को जोड़कर प्रदेश का 5वां टाइगर रिजर्व बनाने की तैयारी की है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर सीनियर अफसरों को भी भिजवा दिया है। नए टाइगर रिजर्व का कुल एरिया 1058 वर्ग किमी होगा। 368 वर्ग किलोमीटर का कोर एरिया और 690 वर्ग किलोमीटर का बफर एरिया रहेगा। करौली का 197 वर्ग किलोमीटर और धौलपुर का 170 वर्ग किलोमीटर का वन क्षेत्र कोर एरिया में शामिल होगा।
विज्ञापन


टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव में यह एरिया शामिल...
वन विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, करौली की मासलपुर रेंज, धौलपुर के सरमथुरा में झिरी वन क्षेत्र और भरतपुर के वन क्षेत्र को शामिल करने की तैयारी है। एनटीसीए ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब राज्य सरकार और वन विभाग की ओर से 5वें टाइगर रिजर्व में कोर एरिया और बफर एरिया के संबंध में नोटिफिकेशन जारी होगा।



करीब आठ बाघ और बाघिनों का इलाके में मूवमेंट...
प्रदेश के वन अधिकारियों के मुताबिक, करौली के कैलादेवी अभयारण्य में चार और धौलपुर में चार बाघ-बाघिनों का मूवमेंट है। इसमें बाघ टी-72, टी- 80 (तूफान), टी-132, टी-136, टी-115, टी-116, टी-117, टी-118 शामिल है। हालांकि, पिछले कुछ दिन से बाघिन टी-118 और बाघ टी-132 ट्रैस नहीं हुए हैं।

राजस्थान में वाइल्ड लाइफ टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा...
राजस्थान में 5वां टाइगर रिजर्व घोषित होने और रिज़र्व बनने के बाद आगामी समय में टाइगर और टाइग्रेस को बेहतर टेरेटरी मिल सकेगी। साथ ही पर्यटन में भी बढ़ोतरी होगी। इससे करौली, धौलपुर, भरतपुर जिलों में टूरिज्म से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार भी बढ़ेंगे। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों के दबाव कम होगा। पिछले दिनों करौली के कैलादेवी अभयारण्य में दो रूटों पर टाइगर सफारी की परमिशन दी जा चुकी है। कूनो चीता अभ्यारण सवाई माधोपुर से करीब 120 किलोमीटर और धौलपुर से 200 किलोमीटर दूरी पर है। ऐसे में पर्यटक इन दोनों जगह पर भी आ जा सकेंगे। इससे एक नया कॉरिडोर डवलप होगा।

एनटीसीए ने कुछ एडिशनल सूचनाएं मांगी...
प्रदेश के नए टाइगर रिजर्व के संबंध में वन विभाग के प्रिंसिपल सेकेट्री शिखर अग्रवाल ने कहा, करौली और धौलपुर के जंगलों को जोड़कर प्रदेश में एक नए टाइगर रिजर्व बनाने के संबंध में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की सैद्धांतिक अनुमति मिल गई है। इस संबंध में एनटीसीए ने कुछ अतिरिक्त सूचनाएं मांगी हैं, जल्द ही सूचनाएं भिजवा दी जाएंगी। इसके बाद औपचारिक सहमति मिल जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें