राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
- फोटो : Amar Ujala
अजमेर में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति राशि में गबन करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी अन्य आरोपियों को अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी के खाते में मौजूद 37 हजार रुपये फ्रीज करवा दिए हैं। इस मामले में अब तक 27 संदिग्ध बैंक खाते पुलिस की जांच के घेरे में आए हैं। शिक्षा विभाग की शिकायत पर क्लॉक टावर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान लगभग 5.60 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पुलिस ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में दबिश देकर 63 वर्षीय मोहम्मद अलाउद्दीन को गिरफ्तार किया है।
बैंक खातों के बदले मिलता था कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद अलाउद्दीन छात्रवृत्ति गबन गिरोह के मुख्य सदस्यों को अपने और परिचितों के बैंक खाते मुहैया कराता था। इन फर्जी खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंचते ही आरोपी उस रकम का इस्तेमाल करते थे। इसके बदले आरोपी मोहम्मद अलाउद्दीन को निश्चित कमीशन दिया जाता था। गबन गिरोह पीएसपी पोर्टल के माध्यम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करता था। इसके बाद छात्रवृत्ति की सरकारी राशि सीधे इन संदिग्ध खातों में भेज दी जाती थी। पुलिस अब तक चिह्नित 27 खातों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
पोर्टल के साक्ष्यों से खुला नेटवर्क
मामले का खुलासा जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दर्शना शर्मा की शिकायत के बाद हुआ था। उन्होंने क्लॉक टावर थाने में अल्पसंख्यक विभाग की पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में पीएसपी पोर्टल के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और वृत्ताधिकारी दक्षिण मनीष बड़गुजर के पर्यवेक्षण में क्लॉक टावर थानाधिकारी भीखाराम काला की अगुवाई वाली टीम ने पीएसपी पोर्टल के रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण तथा तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
ये भी पढ़ें-
'हम तो परमानेंट प्रभारी हैं': अशोक गहलोत ने पायलट से क्यों कही ये बात, जानिए पूरा मामला
मुख्य सरगना की तलाश में दबिश जारी
तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पुलिस टीम पश्चिम बंगाल और बिहार तक पहुंची। वहां संभावित ठिकानों पर छापेमारी करके पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की एक कड़ी मात्र है। पुलिस जांच में गिरोह के मुख्य सरगना की पहचान हो चुकी है। सरगना को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।