फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RPSC: मेवाड़ यूनिवर्सिटी के उप परीक्षा नियंत्रक का कोर्ट में सरेंडर, फर्जी डिग्री मामले में याचिका हुई खारिज

Tue, 21 Jul 2026 01:41 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

आरपीएससी की वर्ष 2022 हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री लगाने के चर्चित मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा ने अदालत में सरेंडर कर दिया। एसओजी पहले ही इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।

विज्ञापन
मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ने कोर्ट में किया सरेंडर - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वर्ष 2022 की हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती में फर्जी डिग्री लगाने के चर्चित मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक सुशील कुमार शर्मा ने सोमवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी थी। न्यायालय के आदेश की पालना में उसने आत्मसमर्पण किया है।
विज्ञापन


फर्जी एमए डिग्रियों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया था
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी सुशील कुमार शर्मा के खिलाफ आरपीएससी के वरिष्ठ उप सचिव अजय सिंह चौहान की ओर से अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया गया था। आरोप है कि वर्ष 2022 की हिंदी स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में दो अभ्यर्थियों ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) की कथित फर्जी एमए (हिंदी) डिग्रियों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया था।

मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई
15 अक्टूबर 2022 को आयोजित परीक्षा में सांचौर क्षेत्र की ब्रह्माकुमारी और कमला कुमारी सफल हुई थीं। 14 जून 2023 को परिणाम घोषित होने के बाद दस्तावेज सत्यापन के दौरान डिग्रियों पर संदेह होने पर दोनों अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। बाद में मामले की जांच एसओजी को सौंप दी गई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  राजस्थान के सबसे बड़े चुनाव का रोडमैप तय: पंचायत-निकाय चुनाव में डेढ लाख दावेदार, 5.45 करोड़ होंगे वोटर

अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी
आरोपी के न्यायालय में सरेंडर की सूचना मिलने पर एसओजी ने अदालत में आवश्यक कार्रवाई की। इस चर्चित फर्जी डिग्री मामले में अब तक 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एसओजी पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें