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Ajmer News: चामुंडा माता मंदिर में सालाना मेला कल, तैयारियां पूरी, आज भजन संध्या से होगा शुभारंभ

Thu, 31 Jul 2025 08:23 AM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी चामुंडा माता के ऐतिहासिक मंदिर में वार्षिक मेले का आयोजन किया जाना है। कल होने वाले इस मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे पूर्व आज रात भव्य भजन संध्या आयोजित की गई है।
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सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी चामुंडा माता
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विस्तार
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सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी चामुंडा माता के सालाना मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अरावली की पहाड़ियों पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मंदिर कमेटी की ओर से कल एक अगस्त को होने वाले मेले की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, जबकि मेला पूर्व संध्या पर आज रात भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।

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भजन संध्या में भीलवाड़ा से अपनी मंडली के साथ आ रहीं सुप्रसिद्ध भजन गायिका आकृति मिश्रा अपनी भक्ति रस से भरपूर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करेंगी। रात 12 बजे माता के जागरण के दौरान विशेष पूजन किया जाएगा। इसके अगली सुबह एक अगस्त को मंदिर परिसर में विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला ग्राउंड में बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए झूले, चकरियां और खान-पान के स्टॉल लगाए गए हैं। चाट, पापड़, मिठाई और अन्य व्यंजनों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना है। इस अवसर पर माता को 56 भोग अर्पण किए जाएंगे। मंदिर में सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और सूर्यास्त के समय विशेष महाआरती का आयोजन होता है। इन आरतियों में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। माता के दर्शन और पूजन का विशेष महत्व है और यह स्थान पूरे राजस्थान में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

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इतिहास के पन्नों में दर्ज जानकारी के अनुसार चामुंडा माता का यह मंदिर सम्राट पृथ्वीराज चौहान द्वारा 1160 में बनवाया गया था। माना जाता है कि माता चामुंडा उनकी कुलदेवी थीं और वह हर युद्ध से पहले यहां आकर पूजा-अर्चना करते थे। स्थानीय किंवदंती के अनुसार इसी स्थान पर माता ने पृथ्वीराज चौहान को दर्शन दिए थे, जिसके बाद यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। मंदिर परिसर में चामुंडा माता के साथ-साथ मां गंगा, भगवान भोलेनाथ, हनुमान जी और भैरव बाबा के मंदिर भी स्थित हैं। मां गंगा के मंदिर में एक छोटा सा जलकुंड भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह कभी खाली नहीं होता। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस कुंड से हजारों गैलन पानी निकाला गया है, फिर भी यह सदैव जल से भरा रहता है।
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नवरात्रि सहित वर्ष भर इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। विशेष रूप से वार्षिक मेले और भजन संध्या के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा से गूंज उठता है। अजमेर और आसपास के क्षेत्रों के साथ ही दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां माता के दर्शन को पहुंचते हैं। मंदिर कमेटी ने साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था कर ली है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और मेले में शांति और श्रद्धा के साथ हिस्सा लें।

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