बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से केंद्र सरकार के इनकार के बाद राजस्थान के वागड़ अंचल में एक नई राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद और वागड़ के कद्दावर नेता राजकुमार रोत ने इस मामले में बीजेपी को घेरा है। रोत ने क्या कहा और मुद्दा राजस्थान की राजनीति में कितना असर रखता है, पढ़िए इस रिपोर्ट में
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से केंद्र सरकार के इनकार के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में उठे इस मुद्दे पर केंद्र के जवाब ने आदिवासी समाज और विपक्षी दलों को नाराज कर दिया है। डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट से भारत आदिवासी पार्टी के सांसद और वागड़ के कद्दावर नेता राजकुमार रोत ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।
गौरतलब है कि जबकि राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) ने वर्ष 2022 में इस स्थल को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की सिफारिश कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। लेकिन पिछले दिनों उदयपुर से भाजपा सांसद मन्नालाल रावत की ओर से 23 मार्च को लोकसभा में मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने को लेकर उठाए सवाल पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जबकि 1 नवंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत तीन राज्यों के मुख्यमंत्री मानगढ़ धाम पहुंचे थे, तब आदिवासी बलिदान को सम्मान देने की बात कही गई थी।
इस जवाब के बाद विपक्ष और आदिवासी संगठनों ने सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। मानगढ़ धाम का ऐतिहासिक महत्व बेहद बड़ा है। 17 नवंबर 1913 को आदिवासी नेता गोविंद गुरु के नेतृत्व में आयोजित सभा पर अंग्रेजों ने गोलीबारी की थी, जिसमें करीब 1500 भील आदिवासी शहीद हुए थे। इसी कारण इसे ‘राजस्थान का जलियांवाला बाग’ भी कहा जाता है।
केंद्र सरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया कि जनजातीय नायकों के सम्मान के लिए देशभर में संग्रहालय विकसित किए जा रहे हैं और ‘जनजातीय गौरव’ जैसी पुस्तकों के माध्यम से उनके योगदान को दर्शाया जा रहा है। हालांकि, बिरसा मुंडा या मानगढ़ धाम पर किसी फिल्म या वेब सीरीज का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्ष इसे आदिवासी समाज की अनदेखी बता रहा है, जबकि सरकार अपने प्रयासों को पर्याप्त बता रही है। ऐसे में आने वाले समय में मानगढ़ धाम को लेकर सियासत और तेज होने के संकेत हैं।