फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ajmer: पुतला निर्माण को लेकर मुस्लिम कारीगर जुटे, 30 सालों से बना रहे हैं रावण के पुतले; कारीगरी भी उम्दा

Sat, 05 Oct 2024 06:49 PM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

Ajmer: दशहरा नजदीक आने के साथ ही पुतलों की तैयारी भी जोरों शोरों पर चल रही है। शहर के पटेल मैदान में होने वाले रावण दहन को लेकर आगरा फतेहपुर सीकरी के कलाकार दिन-रात रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन
पुतले बनाने मे जुटे कारीगर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के अजमेर जिले में इस बार भी अजमेर नगर निगम की ओर से दशहरा महोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। जिसको लेकर शहर के पटेल मैदान में रावण दहन किया जाएगा। इसी के साथ ही मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन किया जाएगा। दशहरा नजदीक आने के साथ ही इसकी तैयारी भी जोरो शोरों पर चल रही है। शहर के पटेल मैदान में होने वाले रावण दहन को लेकर आगरा फतेहपुर सीकरी के कलाकार दिन-रात रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन


पिछले 30 सालों से रावण के पुतले बनाने वाले आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी निवासी शब्बीर अहमद फारूकी ने बताया कि वह 1993 में अजमेर में पहली बार रावण बनाने के लिए आए थे, उसके बाद से लगातार अजमेर में रावण के पुतले बनाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया की रावण, मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले बनाने के लिए 15 कारीगर जुटे है, जिनमें उनके परिवार के सदस्य भी शामिल है। वह दिन-रात एक करके रावण के पुतले बनाने का काम कर रहे हैं।

शब्बीर अहमद फारूकी ने बताया कि रावण इस बार 65 फीट का व कुंभकरण और मेघनाथ 45 फीट के बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा लंका का भी निर्माण किया जा रहा है। इन पुतलों को बनाने के लिए बांस, रद्दी, कागज की लुगदी, रस्सी, कपड़ा, रंग, नारियल, सूतली, धमाकों के लिए बारूद सहित अन्य सामग्री काम में ली जाती है। इस बार रावण अपनी आंखें झपकएगा, हाथों से तलवार लहराएगा, मुंह से अंगारे निकलेगा और उसके पेट में लगी नाभि में चक्र घूमेगा। इसके अलावा रावण के 10 सर रिमोट से एक-एक करके उड़ेंगे।
विज्ञापन


शकील अहमद फारूकी ने बताया कि अजमेर नगर निगम ने उनको रावण मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले बनाने के लिए चार लाख रुपए दिए है, इस बार नगर निगम की ओर से उनको ठेका देर से मिला इसलिए वह दिन-रात एक करके रावण सहित कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन

 

 

 

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें