तीर्थनगरी में मनाया गया मीराबाई का जन्मोत्सव
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श्री कृष्ण की अन्नय भक्त मीराबाई त्याग, तपस्या, भक्ति और शक्ति की प्रतीक और राजपूत समाज का गौरव थी। यह कहना है बीजेपी युवा नेता और समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा का। पलाड़ा बुधवार को पुष्कर स्थित राजपूत समाज के जयमल कोट में मीराबाई के 520वें जन्मोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए थे।
मीरा महोत्सव समिति की ओर से इस बार तीर्थंकरों में उनका जन्मोत्सव समारोह पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर शहर में शोभायात्रा निकाली गयई और संतों के सानिध्य में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक महेंद्र सिंह कड़ैल ने बताया कि मीरा महोत्सव के उपलक्ष्य में ध्वज पूजन के साथ यात्रा गायत्री शक्ति पीठ से शोभा यात्रा शुरू हुई। जो मुख्य मार्ग से होते हुए आयोजन स्थल जयमल कोर्ट पहुंची। जहां संत बाबा निरंजन नाथ अवधूत के सानिध्य में समारोह आयोजित किया गया।
इस मौके पर आयोजित समारोह में बीजेपी नेता समाजसेवी भंवर सिंह पलाड़ा ने मुख्य अतिथि के रूप में मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग तलवार का नहीं, बल्कि कलम का है। इसलिए मातृशक्ति को बच्चो में शिक्षा के संस्कार विकसित करने चाहिए, जिससे कि आगे जाकर वे बड़े पद पर जाकर समाज की सेवा कर सकें। क्षत्रिय समाज के योगदान पर पलाड़ा ने कहा कि जब-जब देश और धर्म पर संकट आया है राजपूत समाज त्याग, संघर्ष और बलिदान से पीछे नहीं हटा है।
उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर अपनी राजनीतिक शक्ति का अहसास कराना चाहिए। सभी अतिथियों को आयोजन समिति की ओर से स्मृति चिन्ह दिए गए। समारोह की अध्यक्षता आरटीओ सुमन भाटी ने की, जबकि न्यायिक मजिस्ट्रेट कंचन कंवर राजावत, सुरेंद्र सिंह राव, शाहपुरा रानी भुवनेश्वरी कंवर, किशनगढ़ रानी सा कमलेश कंवर, अभिमन्यु सिंह राजवी, प्रगति कुमारी, संध्या भाटी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम प्रभारी गज सिंह गागुड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया।