राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र व्यक्ति के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा तीन दिसंबर 2024 से ’गिवअप’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अपात्र व्यक्ति अपना नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 31 जनवरी तक स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु ने समस्त उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह प्रत्येक उपखंड में ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, उचित मूल्य दुकानदारों के माध्यम से इस प्रकार के व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जिले की समस्त उचित मूल्य दुकानों पर नाम हटवाने के आवेदन पत्र उपलब्ध करवाये गए हैं। जिला रसद अधिकारी नीरज जैन ने बताया कि आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, अर्द्ध सरकारी कर्मचारी, स्वायतशासी संस्था में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय वाले व्यक्ति, ट्रैक्टर एवं एक वाणिज्यिक वाहन जो जोविकोपार्जन में प्रयोग आते हैं, को छोड़कर चौपहिया वाहन धारक व्यक्ति अथवा निष्कासन की श्रेणी में आने वाले अन्य व्यक्तियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने बताया कि कोई भी अपात्र व्यक्ति अपनी निकटतम उचित मूल्य दुकान से आवेदन पत्रा प्राप्त कर अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवा सकता है। आमजन से अपील है कि यदि व्यक्ति खाद्य सुरक्षा सूची की निष्कासन श्रेणी में सम्मिलित होने के उपरांत भी खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं तो वह 31 जनवरी से पूर्व ’गिव अप’ अभियान के अन्तर्गत आवेदन कर खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाएं। 31 जनवरी 2025 के पश्चात जिला रसद अधिकारी शहरी एवं ग्रामीण तथा संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा अपात्र व्यक्तियों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटा दिए जाएंगे।
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि 31 जनवरी के पश्चात खाद्य सुरक्षा सूची में पाए जाने वाले कार्मिकों के विरुद्ध वसूली एवं शास्ति आरोपित की जाएगी। इस शास्ति की गणना 27 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार खाद्य सुरक्षा सूची में नाम अंकित होने की तिथि से नाम हटाने की तिथि तक उस व्यक्ति द्वारा जितना खाद्यान्न प्राप्त किया गया है, के अनुसार की जाकर मय ब्याज वसूली की जाएगी। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार ऐसे कार्मिकों की सूची तैयार की जा रही हैं एवं निर्देशानुसार ऐसे कार्मिकों के संबंधित विभागों को वसूली राशि की कार्मिक के मासिक वेतन से कटौती करने के लिए लिखा जाएगा।