पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक पर कार्रवाई।
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पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ महाप्रबंधक (GM) उदय कुमार के खिलाफ रिश्वत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कार्रवाई की। उदय कुमार को 2.4 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि मुंबई की केईसी इंटरनेशनल कंपनी के अनुबंध संबंधी बिलों को मंजूरी देने के एवज में ये रिश्वत ली गई।
जानकारी के अनुसार उदय कुमार की राजस्थान के अजमेर में तैनाती थी। उदय कुमार पर सीबीआई ने बुधवार देर रात सीकर में कार्रवाई की, जब वो केईसी इंटरनेशनल के अधिकारी सुमन सिंह के साथ रिश्वत का आदान-प्रदान कर रहे थे। गुरुवार तड़के कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई की एफआईआर में केईसी इंटरनेशनल कंपनी और उसके पांच अधिकारियों के नाम दर्ज किए गए हैं। इनमें जबराज सिंह, अतुल अग्रवाल, आशुतोष कुमार और सुमन सिंह के नाम शामिल हैं।
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बिल पास करवाने के लिए ली जा रही थी रिश्वत
सीबीआई प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि आरोपी अधिकारियों ने पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुबंधों से संबंधित बिलों को मंजूरी देने और भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने सीकर, जयपुर और मोहाली स्थित आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत बरामद किए गए।
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कंपनी की ओर से कोई बयान नहीं
इस मामले में केईसी इंटरनेशनल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सीबीआई मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।