ऑनलाइन ठगी की लगातार बढ़ती वारदात पर अंकुश लगाने के लिए अजमेर पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इस कड़ी में अजमेर पुलिस ने साइबर टीम की मदद से ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
पकड़े गए लड़के लड़कियां फर्जी कॉल सेंटर के नाम पर विदेशी लोगों के साथ ठगी कर उन्हें अपना शिकार बनाते थे। पुलिस ने गैंग ने 14 युवक और 4 लड़कियों को दबोचा है। गिरोह के कब्जे से 29 लैपटॉप और 40 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।
मामले की जानकारी देते हुए अजमेर एसपी देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि मुखबिर के जरिए फर्जी कॉल सेंटर बनाकर ठगी करने की सूचना मिली थी। मामले में थाना अधिकारी क्रिश्चियन गंज, गंज और साइबर टीम के नेतृत्व में टीम का गठन कर वेरीफाई कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शनिवार को टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
एसपी बिश्नोई ने बताया कि फॉयसागर रोड स्थित संजय पैलेस समारोह स्थल में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। कुछ दिनों पहले ही समारोह स्थल में यह फर्जी कॉल सेंटर इस्टेबलिश्ड किया गया था। कार्रवाई करते हुए 14 लड़के और 4 लड़कियों को पकड़ा है। यह सभी लोग पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, बिहार के रहने वाले हैं। गिरोह के सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी से 29 लैपटॉप 40 मोबाइल सहित सिम और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसपी देवेन्द्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि सभी पकड़े गए लोगों से मिले डाटा को खंगाल कर जांच की जा रही है। इनके पीछे और कौन-कौन है, इस बारे में भी इनसे पूछताछ जारी है। यह सभी आरोपी भारत में बैठकर US बेस कॉल कर रहे थे। इंटरनेशनल लेवल पर यह साइबर फ्रॉड चल रहा था। प्रारंभिक तौर पर ग्रुप का लीडर पंजाब निवासी शिवम पकड़ा है।
हालांकि शिवम मास्टरमाइंड है या अन्य कोई इस बारे में जांच जारी है। साथ ही अजमेर में कोई लोकल कांटेक्ट इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी ने बताया कि समारोह स्थल और जहां पर यह होटल में रुके हुए थे यह दोनों ही जगह उन्होंने रेंट पर लेकर रखी थी। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अब तक गिरोह के सदस्य करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं। यह लोग सस्ती दर पर लोन और बीमा पॉलिसी में लुभाने वादे कर लोगों को फंसाते थे।