अजमेर नगर निगम की नवनियुक्त मेयर अनामिका शर्मा का यह पहला चुनाव था। वह वार्ड संख्या 3 से पार्षद निर्वाचित हुई हैं और राजनीति में नया चेहरा मानी जा रही हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास बताई गई है। नामांकन में दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपये है। वह लघु उद्यम से जुड़ी हैं।
राजनीतिक परिवार से जुड़ा है नाता
अनामिका शर्मा का राजनीतिक परिवार से भी जुड़ाव है। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू हैं। उनके पति मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। पार्टी के भीतर अनामिका शर्मा को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करीबी नेताओं के साथ जोड़ा जाता रहा है।
कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से चार कदम दूर
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। भाजपा के खाते में 32 सीटें आई हैं, जबकि 11 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 41 है। इस हिसाब से कांग्रेस को बहुमत के लिए चार और भाजपा को नौ पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। दोनों दल बहुमत के आंकड़े से दूर होने के कारण निर्दलीय पार्षदों का समर्थन अहम हो गया है।
अनामिका शर्मा और किरण गढ़वाल आमने-सामने
मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड तीन की पार्षद अनामिका शर्मा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 57 की पार्षद किरण गढ़वाल को मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी सामान्य महिला वर्ग से हैं। किरण गढ़वाल के नामांकन पर भाजपा की ओर से आपत्ति भी दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद आपत्ति खारिज कर दी गई और उनका नामांकन वैध माना गया। इसके बाद मेयर पद के लिए दोनों के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया।
11 निर्दलीयों पर टिकी दोनों दलों की नजर
अजमेर में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बहुमत से दूर हैं। ऐसे में 11 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कांग्रेस की ओर से पांच निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया गया है। भाजपा ने भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन को लेकर अपनी रणनीति बनाई है। मतदान से पहले दोनों दलों ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर रखी है। अब निगाहें मतदान पर हैं। निर्दलीय पार्षद किस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते हैं, इससे मेयर चुनाव का परिणाम तय होगा। 21 सितंबर को होने वाले मतदान के बाद साफ हो जाएगा कि अजमेर नगर निगम की कमान किसके हाथ आती है।