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अजमेर: जेएलएन अस्पताल में वेतन के लिए सफाईकर्मियों की हड़ताल, दो महीने से नहीं मिला मानदेय

Thu, 29 Oct 2026 01:53 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) अस्पताल में दो महीने से मानदेय नहीं मिलने के विरोध में संविदा सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर चिकित्सालय प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) चिकित्सालय में वेतन नहीं मिलने से नाराज संविदा सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो महीने से मानदेय नहीं मिला है। इसके विरोध में उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन विभाग के बाहर एकत्र होकर चिकित्सालय प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक दो महीने के बकाया मानदेय का पूरा भुगतान नहीं हो जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

छह हजार रुपये मानदेय भी नियमित नहीं मिलने से परेशानी

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें हर महीने केवल छह हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसके बावजूद भुगतान नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। त्योहारों के मौसम में मानदेय अटकने से कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने और रोजमर्रा के जरूरी खर्च पूरे करने का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारी अनीता ने बताया कि 29 तारीख बीत जाने के बाद भी उनका वेतन जारी नहीं किया गया। मानदेय के लिए कर्मचारियों को मेट्रन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि कभी हस्ताक्षर तो कभी बायोमीट्रिक सत्यापन के नाम पर भुगतान की प्रक्रिया को टाल दिया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें करवा चौथ जैसे त्योहार पर भी अपने हक के लिए धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

सुपरवाइजरों का भी छह महीने से भुगतान बकाया

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में सुपरवाइजर भी सामने आए हैं। उन्होंने भुगतान प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए बताया कि उनका खुद का पिछले छह महीने से भुगतान बकाया है। सुपरवाइजरों के अनुसार, ठेकेदार ने त्योहार से पहले 28 तारीख तक बकाया राशि जारी करने का भरोसा दिया था, लेकिन इसके बावजूद किसी भी कर्मचारी को भुगतान नहीं मिला। ठेकेदार का कहना है कि उसे चिकित्सालय प्रशासन से राशि नहीं मिली है, जबकि प्रशासन भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल रहा है।

भुगतान को लेकर प्रशासन और ठेकेदार के बीच खींचतान

कर्मचारियों और सुपरवाइजरों का आरोप है कि चिकित्सालय प्रशासन और ठेकेदार के बीच जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। समय पर भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। इस अव्यवस्था से परेशान होकर सभी सुपरवाइजरों ने ठेकेदार को अपने लिखित इस्तीफे सौंप दिए हैं। वहीं, सफाई कर्मचारियों ने बकाया मानदेय मिलने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार भुगतान को लेकर क्या कदम उठाते हैं और कर्मचारियों की हड़ताल कब समाप्त होती है।

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