हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि हरियाणा में उम्मीद से विपरीत परिणाम आए हैं। लोग पिछले दस साल से हरियाणा सरकार से नाराज थे। पायलट ने कहा कि हरियाणा में 9 साल बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पद से हटाया गया, अगर हरियाणा सरकार का 9 साल का कार्यकाल बहुत अच्छा था तो मुख्यमंत्री को पद से हटाने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने कहा कि वहां पर सरकार में असंतोष था, इसलिए मुख्यमंत्री को हटाया गया, वहां के लोगों में सरकार को लेकर असंतोष था। कांग्रेस ने एकजुट होकर वहां चुनाव लड़ा, मगर वहां कांग्रेस के अनुरूप परिणाम नहीं आए। पायलट ने कहा कि कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से भी परिणाम को लेकर समीक्षा करेंगे और जहां कमी रह गई वहां और ज्यादा काम करेंगे।
हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर सचिन पायलट ने कहा कि जीतने अनुमान, उम्मीद, सारे सर्वे और फीडबैक जिस दिशा में थे, वैसे परिणाम नहीं आए। हरियाणा सहित पूरे देश में सभी जानते थे कि कांग्रेस वहां अच्छे बहुमत से सरकार बनाने वाली है। विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर शुरुआत में रुझान कांग्रेस के पक्ष में थे और कुछ घंटे बाद रुझान अलग तरीके के थे। इस सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने निर्वाचन आयोग में मतदान प्रक्रिया की शिकायत हेतु ज्ञापन दिए हैं। हरियाणा में 20 उम्मीदवारों को परिणाम को लेकर संतुष्टि नहीं है। कांग्रेसियों की शिकायत पर निर्वाचन विभाग निष्पक्ष जांच करेगा।
इससे पूर्व सचिन पायलट किशनगढ़ पहुंचे थे, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता राजू गुप्ता की मां का स्वर्गवास होने पर उनके घर जाकर उन्हें सांत्वना दी। उसके बाद वे पुष्कर गए पहुंचे और फिर अजमेर के सर्किट हाउस पहुंचे थे। जहां पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी के साथ माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय जैन, किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी, महेंद्र सिंह रलावता, नसीम अख्तर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष हितेश्वरी टाक, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित मल्होत्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।