ब्यावर के बिजयनगर ब्लैकमेलिंग मामले में आज सुबह कोर्ट में नाबालिग पीड़िताओं के कलमबद्ध बयान दर्ज किए गए। इस दौरान उनके परिजन और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी नसीराबाद कोर्ट परिसर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुरक्षा को देखते हुए कोर्ट परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
मामले में पुलिस ने नाबालिग बच्चियों के शोषण के आरोप में समुदाय विशेष के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से पांच बालिग और दो नाबालिग हैं। बालिग आरोपियों को अजमेर न्यायालय में पेश कर पुलिस ने रिमांड की मांग की गई है, ताकि उनसे पूछताछ कर मामले से जुड़े और सबूत जुटाए जा सकें। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों को मौके पर ले जाकर तस्दीक भी करवाएगी। वहीं दो नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड भेजा जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी ब्यावर भूपेंद्र शर्मा ने आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।
पीड़िता ने सुनाई शोषण की दास्तान
बिजयनगर कांड में पीड़ित लड़की ने कोर्ट में अपनी दुखद कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे उसे जबरन दोस्ती करने के लिए मजबूर किया गया और फिर उसकी जिंदगी को नर्क बना दिया गया। लड़की ने बताया कि जब वह और उसकी सहेलियां स्कूल जाती थीं, तो कुछ लड़के उनका पीछा करते थे। इसके बाद वह लड़के उन्हें शाम को भी परेशान करते थे और फिर चिट्ठियां फेंकने लगे। जब पीड़िता ने उनसे बात करना शुरू किया, तो पता चला कि वह लड़के अलग धर्म से थे।
लड़के ने बाद में उसे छोटे मोबाइल फोन देने शुरू किए और बाहर घुमाने भी ले जाने लगे। धीरे-धीरे उसने पीड़िता पर विश्वास जमाया और फिर उसकी फोटो खींची। इसके बाद ब्लैकमेल करके पांच लड़कों से दोस्ती कराई और उसे खास प्रकार के कपड़े पहनने के लिए कहा गया। इसके साथ ही उसे समाज के कुछ तरीकों के बारे में भी बताया गया।
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि लड़कों ने उसे अन्य लड़कियों से दोस्ती करने के लिए दबाव डाला। उनका इरादा इन लड़कियों को बेचने का भी था। रिश्तेदारों ने बताया कि एक लड़की को पांच से दस लड़के परेशान करते थे और लड़कियों को धमकाकर उनके हाथों में चाकू से कट लगा देते थे। लड़की इतनी घबराई हुई थी कि उसने कभी अपने परिवार को कुछ नहीं बताया।
जब पीड़िता के पास से छोटा मोबाइल फोन मिला तब जाकर मामले का खुलासा हुआ और लड़कियों के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।
गौरतलब है कि बिजयनगर में स्कूली छात्राओं को दोस्ती के बहाने ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया था। मामले में एक छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवक नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर फंसाते और फिर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते थे। इस मामले में 17 फरवरी को पीड़ित लड़कियों के परिजनों और हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को हिरासत में लिया।
वकीलों ने आरोपियों को पीटा
पेशी के दौरान कोर्ट लाए गए 6 आरोपियों पर वकीलों ने अपना गुस्सा निकाला। बड़ी मुश्किल से पुलिस आरोपियों को बचाकर ले गई। इससे पहले कोर्ट ने आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया। मामले में 6 आरोपियों रिहान मोहम्मद (20), सोहेल मंसूरी (19), लुकमान उर्फ सोहेब (20), अरमान पठान (19) , साहिल कुरैशी (19) और अफराज (18) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 1 नाबालिग को डिटेन किया है।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने कई अन्य लड़कियों को भी ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की थी। वे अक्सर उन्हें होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में बुलाते थे, जहां उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें डराने-धमकाने का काम करते थे। इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े और भी सबूत तलाश कर रही है।
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