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अजमेर में आदमखोर हुए आवारा कुत्ते: डेढ़ माह के मासूम को जबड़े में दबोचा, मां के संघर्ष के बाद भी नहीं बची जान

Tue, 28 Apr 2026 11:59 AM IST
अजमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर के पीसांगन क्षेत्र के कालेसरा गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने डेढ़ महीने के मासूम पर हमला कर दिया, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना 24 अप्रैल की रात की है, जब मां झोपड़ी के बाहर खाना बना रही थी और बच्चे अंदर सो रहे थे।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजस्थान के अजमेर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पीसांगन क्षेत्र के कालेसरा गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने डेढ़ महीने के मासूम पर हमला कर दिया, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने इसे पिछले 15 वर्षों में सबसे गंभीर डॉग बाइट का मामला बताया है।
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झोपड़ी में घुसकर किया हमला
घटना 24 अप्रैल की रात की है। बच्चे की मां केलम (30) ने बताया कि वह झोपड़ी के बाहर खाना बना रही थी, जबकि उसका डेढ़ महीने का बेटा सावरा और 3 साल का बड़ा बेटा अरविंद अंदर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक कुछ आवारा कुत्ते झोपड़ी में घुस गए और छोटे बच्चे पर हमला कर दिया। बड़ा बेटा कंबल ओढ़े होने के कारण बच गया।

मां ने दिखाई बहादुरी, बच्चे को छुड़ाया
मां केलम ने बताया कि जैसे ही बच्चे के रोने की आवाज सुनी, वह तुरंत अंदर दौड़ी। अंदर का दृश्य बेहद भयावह था—एक कुत्ता बच्चे को मुंह में दबाए हुए था और अन्य कुत्ते आसपास थे। मां ने करीब पांच मिनट तक संघर्ष किया और किसी तरह बच्चे को कुत्तों के जबड़े से छुड़ाया। इसके बाद वह खुद बच्चे के ऊपर लेट गई ताकि उसे और नुकसान न पहुंचे।
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अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
घटना के बाद पिता मकरम तुरंत गांव पहुंचे और किराए की गाड़ी से बच्चे को अजमेर के जेएलएन अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी कर इलाज शुरू किया, लेकिन हालत बेहद गंभीर थी और आखिरकार बच्चे की मौत हो गई। जेएलएन अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर लखन पोसवाल ने बताया कि बच्चे की नब्ज नहीं मिल रही थी और ब्लड प्रेशर इतना कम था कि रिकॉर्ड तक नहीं हो पा रहा था। दोनों किडनी ठीक से काम नहीं कर रही थीं और बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया। कई बार सीपीआर देने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

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पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की डॉक्टर गरिमा अरोड़ा ने बताया कि यह उनके 15 साल के करियर का सबसे खतरनाक डॉग बाइट केस है। बच्चे के पेट की परत पूरी तरह फट गई थी और आंतें बाहर आ गई थीं। सर्जरी कर आंतों को वापस डालकर पेट को कवर किया गया, लेकिन संक्रमण तेजी से फैल चुका था। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। लोगों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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