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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में लॉरेंस के गुर्गों की गुंडागर्दी: बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े, एफआईआर दर्ज

Fri, 25 Sep 2026 03:46 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर

सार

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद लॉरेंस गैंग के दो गैंगस्टरों पर बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का आरोप है। जेल प्रशासन ने पुराने फुटेज की जांच के बाद दोनों की पहचान की और सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया है।
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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद लॉरेंस गैंग के दो गैंगस्टरों ने अपने-अपने बैरक में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। इस घटना के सामने आने के बाद जेल प्रशासन की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दोनों आरोपी बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

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जेल प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार 22 सितंबर की रात को बैरक नंबर-1 के ब्लॉक नंबर-1 की सेल 3 और सेल 5 के सीसीटीवी कैमरे गायब मिले थे। कैमरे गायब होने की सूचना मिलने पर जब जेल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो दोनों कैमरे वहां नहीं थे। इसके बाद तलाश करने पर ब्लॉक की छत पर सीसीटीवी कैमरों के टूटे हुए हिस्से बरामद हुए। जेल के कंट्रोल रूम में दोनों कैमरों की पुरानी रिकॉर्डिंग देखने पर पूरी घटना का खुलासा हुआ।

जांच में पता चला कि 4 सितंबर को सुबह करीब 7:12 बजे तक सेल नंबर-5 का कैमरा रिकॉर्डिंग कर रहा था। रिकॉर्डिंग फुटेज में बंदी सुमित कुमार अपने हाथ में मौजूद पत्थर को सीसीटीवी कैमरे की तरफ फेंकते हुए स्पष्ट दिखाई दिया। इसके तुरंत बाद दूसरा बंदी रामबीर पुत्र सत्यवीर भी सेल में आता हुआ दिखाई दिया।
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इसी प्रकार सेल नंबर-3 की रिकॉर्डिंग के अनुसार 4 सितंबर की सुबह करीब 7:15 बजे तक यह कैमरा चालू था। फुटेज में सुमित कुमार सेल नंबर-3 के शौचालय की दीवार पर चढ़ता हुआ नजर आया और कुछ देर बाद शौचालय की दीवार के सहारे कैमरे के पास पहुंचने का प्रयास करता दिखाई दिया। इसके बाद कैमरे की रिकॉर्डिंग बंद हो गई।
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जेल प्रशासन ने अपनी पुलिस रिपोर्ट में दोनों बंदियों पर राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा राजकार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। इस शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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