दशहरे के दूसरे दिन की सुबह शनिवार को दिल्ली समेत देश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, पराली जलाने और हवा की गति कम होने की वजह से आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
सीपीसीबी की तरफ से जारी देश भर के 64 शहरों के वायु प्रदूषण सूचकांक में सबसे खराब स्थिति हरियाणा के भिवाड़ी की रही।शनिवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 434 के स्तर पर रहा, जो खतरनाक स्तर से ज्यादा है। राजधानी दिल्ली में यह सूचकांक 50 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 326 दर्ज किया गया।
एनसीआर में गुरुग्राम की स्थिति बदतर : एनसीआर के शहरों में सबसे बुरी हालत गुरुग्राम की रही। शनिवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 दर्ज किया गया। जबकि फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक क्रमश: 326, 319, 317 व 314 रहा।
यूपी के शहरों में सांस लेना मुश्किल
उत्तर प्रदेश के भी ज्यादातर शहरों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर से ज्यादा दर्ज किया गया। लखनऊ में शनिवार को एक्यूआई 313 दर्ज किया गया। यहां पीएम10 का स्तर 267 रहा। इसके साथ ही बागपत (320), कानपुर (289) और मुजफ्फरनगर (303) में भी वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही।
दिल्ली में 30 जगहों पर पीएम10 खतरनाक स्तर पर
दिल्ली के करीब 30 मॉनीटरिंग स्टेशन पर पीएम10 का स्तर बेहद खराब रहा। जबकि द्वारका, मुंडका, आनंद विहार व मथुरा रोड में इसका स्तर 1169, 1157, 581 व 573 रिकॉर्ड किया गया। जबकि पीएम2.5 का अलग-अलग इलाकों में स्तर खराब से बेहद के बीच रहा। सफर के आंकड़े बताते हैं कि पूरी दिल्ली में पीएम10 व 2.5 का औसत 293 व 167 था। सफर का पूर्वानुमान है कि रविवार को हवा में खराबी आयेगी। जबकि सोमवार को इसमें सुधार हो सकता है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक
0-50 अच्छा
50-100 संतोषजनक
101-200 मध्यम
201-300 खराब
301-400 बेहद खराब
401-500 खतरनाक