राजस्थान में दुष्कर्म का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पहले आरोपी को व्यस्क मानकर सजा दे दी गई और फिर सात साल जेल में बिताने के बाद पता चला कि आरोपी घटना के समय नाबालिग था।
नागौर जिले के पादुकलां थानान्तर्गत अरनियाला निवासी लुकमान खान दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद है। सेशन न्यायालय मेड़ता सिटी ने उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।
बाद में राजस्थान हाइकोर्ट में आरोपी की ओर से अपील दायर की गई की वह घटना के समय किशोर था। इसकी पुष्टि के लिए स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की आयु जांचने का अनुरोध किया गया।
तब हाइकोर्ट ने किशोर न्याय बोर्ड नागौर को आरोपी की आयु जांचने का आदेश दिया। जांच में सामने आया कि घटना के समय आरोपी की आयु 17 साल 2 माह थी।
अपने फैसले में न्यायाधीश कंवलजीत सिंह अहलूवालिया ने आरोपी को किशोर मानते हुए मामले को निस्तारण के लिए किशोर न्याय बोर्ड को स्थानांतरित करते हुए अपील निस्तारित कर दी।