धौलपुर जिले में धनौरा गांव के रघुवरदयाल मीणा में पढ़ने की ऐसी ललक है कि 72 साल की उम्र में भी वे एमए की पढ़ाई कर रहे हैं।
पढ़ने के लिए उम्र को बाधा न मानने वाले मीणा की प्राथमिक शिक्षा नहीं हुई थी।
बाद में उन्होंने पढ़ने की ऐसी ठानी की आज अपनी बहु और नातिन के साथ एमए हिंदी की परीक्षा दे रहे हैं।
पढ़ाई की इच्छा जागने पर रघुवरदयाल मीणा ने 23 साल की उम्र में हाईस्कूल का फॉर्म भरा और दो बार के प्रयास के बाद परीक्षा पास कर ली। मीणा ने फिर एसटीसी की।
इसके बाद मीणा ने पुलिस विभाग में नौकरी की लेकिन वहां मन न लगने के कारण वे शिक्षक बन गए।
उनका सफर यहीं नहीं रुका और पढ़ाई जारी रही। फिर मीणा ने अपने बेटे के साथ 12वीं कक्षा का पेपर दिया और बीए व बीएड भी पास कर ली।
मीणा का कहना है कि उनके लिए पढ़ाई से बढ़कर कोई आनंद नहीं है।