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कौन है नन्हा वीर श्रवण सिंह?: ऑपरेशन सिंदूर में सेना तक पहुंचाई चाय-पानी-लस्सी, आज राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Fri, 26 Dec 2025 08:58 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजपुर

सार

श्रवण सिंह ने छोटी सी उम्र में देश और हमारी सेना के लिए बहादुरी का काम किया है। लेकिन यह बच्चा बीमारी से भी पीड़ित है। श्रवण शुगर की बीमारी से पीड़ित है। 
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श्रवण सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑपरेशन सिंदूर के नन्हे वीर श्रवण सिंह को आज दिल्ली में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरहद पर तैनात सैनिकों को श्रवण (10) घर से लस्सी, दूध और रोटी लेकर देने के लिए जाता था। श्रवण के पिता का नाम सोना सिंह, मां का नाम संतोष रानी और बहन का नाम सजना रानी है। उनके दादा का नाम छिंदा सिंह है। श्रवण सिटी हार्ट स्कूल, ममदोट में कक्षा 4 के छात्र हैं। भारतीय सेना ने पहले ही श्रवण को सम्मानित किया था और उनकी शिक्षा का खर्च उठाने का फैसला लिया है।

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'मैंने सपने में भी नहीं सोचा था'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मान पाने के बाद श्रवण ने कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैं उनके लिए रोज दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। मुझे पुरस्कार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसके बारे में सपने में भी नहीं सोचा था। 

इस साल अवार्ड पाने वाला पंजाब का अकेला विद्यार्थी है श्रवण
श्रवण सिंह पंजाब का अकेला विद्यार्थी है जिसे इस साल दिल्ली में प्रधानमंत्री नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड में हिस्सा लेने का मौका मिला है। उसने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की बहुत मदद की थी। 
 

बड़ा होकर फौजी बनना चाहता है श्रवण
श्रवण को जवानों के पास जाकर बहुत अच्छा लगता था। वह बड़ा होकर खुद भी फौजी बनना चाहता है और देश की सेवा करना चाहता है। सेना ने उसकी सेवा भावना को देखकर उसे उपहार भी दिया। 
 

बीमारी से ग्रस्त है बाल वीर
श्रवण सिंह ने छोटी सी उम्र में देश और हमारी सेना के लिए बहादुरी का काम किया है। लेकिन यह बच्चा बीमारी से भी पीड़ित है। श्रवण शुगर की बीमारी से पीड़ित है। उसके इलाज का खर्च सेना उठा रही है। इसके अलावा उसके साहस और उत्साह को देखते हुए भारतीय सेना की गोल्डन एरो डिवीजन ने उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया है।

7 मई को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले में निर्दोष और निहत्थे 26 पर्यटकों की आतंकियों ने जान ले ली थी। इस हमले के जवाब में भारतीय सेना की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे। इन ठिकानों में जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का मुरिदके स्थित अड्डा शामिल था। 

सीएम मान ने दी बधाई
सीएम भगवंत मान ने श्रवण को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा-पंजाबियों के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि आज राष्ट्रपति द्वारा हमारे फिरोजपुर के निवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह को 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रवण सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज़्बे को सलाम।
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डिप्टी कमिश्नर ने दी बधाई
फिरोजपुर की डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने श्रवण को नेशनल चिल्ड्रन अवॉर्ड से सम्मानित होने पर बधाई दी है। डीसी ने कहा कि यह सिर्फ फिरोजपुर जिले के लिए ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब और देश के लिए गर्व की बात है। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बच्चे श्रवण ने दिन-रात अपने घर से चाय, पानी और खाना लाकर सरहद पर तैनात भारतीय सैनिकों की सेवा की थी, जो बहुत तारीफें काबिल है। उन्होंने कहा कि बच्चे की हिम्मत और देश के लिए जज़्बा हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है।
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