केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर मेट्रो के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी के गठन की जल्द ही कवायद शुरू हो जाएगी।
चंडीगढ़ प्रशासन अगले माह पंजाब और हरियाणा के साथ मिलकर एसपीवी के गठन को लेकर दस्तावेज तैयार करेगा। इसी दौरान कंपनी का नाम भी तय होगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की तर्ज पर कंपनी का नाम ट्राइसिटी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (टीएमआरसी) हो सकता है।
हालांकि डीएमआरसी की ओर से लगभग नौ माह पहले जमा की गई डीपीआर में चंडीगढ़ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (सीएमआरसी) के गठन की बात कही गई है।
इस कंपनी में चंडीगढ़ प्रशासन के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और केंद्र सरकार हिस्सेदार होंगे। ऐसे में कंपनी का नाम चंडीगढ़ के नाम पर होने पर पंजाब और हरियाणा सरकार आपत्ति जता सकती हैं।
यही वजह है कि कंपनी का नाम चंडीगढ़ की जगह ट्राइसिटी से शुरू करने पर विचार हो रहा है।
खुलेंगे रोजगार के रास्ते
यह कंपनी ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का काम करेगी। कंपनी के गठन के बाद मेट्रो के लिए जरूरी स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी और पहले दो कॉरीडोर के लिए करीब 1700 युवकों को रोजगार दिया जाएगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही है। मेट्रो के प्रोजेक्ट को मजबूत करने के लिए ही कंपनी का गठन करने की बात कही गई है। जल्द ही पंजाब और हरियाणा के साथ बैठक कर कंपनी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- वीके सिंह, वित्त सचिव, चंडीगढ़